Bilaspur Sarafa Loot Case 3.35 करोड़ की सराफा लूट के आरोपी यूपी में शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार, पैर में गोली लगी; मिर्जापुर में आज होगा खुलासा

बिलासपुर में सराफा कारोबारी से 3.35 करोड़ की लूट के मामले में फरार आरोपियों को पुलिस ने उत्तर प्रदेश में ट्रेस कर शॉर्ट एनकाउंटर किया है। मुठभेड़ के दौरान एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया। आरोपियों की पहचान करने के बाद बिलासपुर पुलिस लगातार उनका पीछा करती हुई यूपी पहुंची और वहां की पुलिस से समन्वय स्थापित किया।

लुटेरों के भागने की सूचना साझा करते हुए यूपी पुलिस से घेराबंदी कराई गई। धरपकड़ के दौरान आरोपी भागने लगे, जिस पर पुलिस ने चेतावनी के बाद फायरिंग की। भागते समय एक आरोपी के पैर में गोली लग गई। पूरे घटनाक्रम का खुलासा यूपी पुलिस आज मिर्जापुर में करेगी।
“गौरतलब है कि सरकंडा थाना क्षेत्र के राजकिशोर नगर में मंगलवार रात सराफा कारोबारी संतोष तिवारी के साथ लूट की वारदात हुई थी। घटना के तुरंत बाद पुलिस अलर्ट मोड में आ गई। आईजी रामगोपाल गर्ग स्वयं मौके पर पहुंचे और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे।
जांच के दौरान शहर के आउटर क्षेत्र ग्राम उरतुम के पास कारोबारी की लूटी गई कार बरामद कर ली गई। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई। हालांकि पुलिस अधिकारी फिलहाल आधिकारिक बयान देने से बच रहे हैं।
वारदात से एक दिन पहले अकलतरा से चोरी हुई थी कार
पुलिस जांच में सामने आया कि घटना में इस्तेमाल बाइक और कार दोनों चोरी की थीं। बाइक अंबिकापुर में पदस्थ नगर सैनिक राकेश चौबे के नाम पर दर्ज थी, जिसे 13 फरवरी को मैनपाट से चुराया गया था और उसी बाइक से आरोपी बिलासपुर पहुंचे।”
इसके अलावा सफेद रंग की इको वैन को वारदात से एक दिन पहले अकलतरा थाना क्षेत्र से चोरी किया गया था, जिसकी रिपोर्ट संबंधित थाने में दर्ज है।
10 टीमें अलग-अलग एंगल से कर रही थीं जांच

लुटेरों की गिरफ्तारी के लिए गठित विशेष टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गईं। तीन टीमें टेक्निकल इनपुट के आधार पर यूपी, बिहार और झारखंड रूट पर सक्रिय रहीं। एक टीम ने शहर के होटल और लॉज में ठहरने की जानकारी जुटाई।
एक अन्य टीम पिछले तीन दिनों में घर से दुकान तक लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालती रही। घटना स्थल के टॉवर डंप और अन्य तकनीकी डाटा पर भी अलग टीम ने काम किया। फिंगरप्रिंट का मिलान नेफिस सर्वर पर उपलब्ध डाटा से कराया गया।

अन्य टीमें उरतुम, सेलर और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज की जांच, संदेहियों की धरपकड़ और एफएसएल से मिले सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुटी रहीं।
कारोबारी की कार छोड़ स्कॉर्पियो से भागे आरोपी
जांच के दौरान पुलिस ने हर संभावित एंगल को खंगाला। अलग-अलग स्थानों के सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट हुआ कि लुटेरों का गिरोह स्कॉर्पियो में भी कारोबारी का पीछा कर रहा था।
बाद में उस स्कॉर्पियो की पहचान की गई। कार बरामद होने के बाद फुटेज खंगालने पर पता चला कि आरोपी स्कॉर्पियो से फरार हुए, जिसके बाद पुलिस ने उसी दिशा में अपनी कार्रवाई केंद्रित कर दी।
चोरी की गाड़ियों के पैटर्न पर रची गई लूट
जांच टीम को निर्देश दिए गए कि प्रदेशभर में गाड़ियां चोरी कर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले गैंग की जानकारी जुटाई जाए। इस दौरान दिसंबर में सरकंडा पुलिस द्वारा होटल कारोबारी लखन लाल देवांगन उर्फ निटी (46) से लूट प्रयास के केस की फाइल भी खंगाली गई।
उस मामले में आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए तखतपुर से बाइक (CG 10 AS 2450) और अंबिकापुर से बाइक (CG 15 CK 1036) चोरी की थी। लूट की कोशिश नाकाम होने पर चारों आरोपी चोरी की बाइक रेलवे स्टेशन परिसर में छोड़कर फरार हो गए थे।
होटल व्यवसायी से लूट प्रयास के जुड़े तार
सरकंडा क्षेत्र में होटल संचालक निटी देवांगन से लूट की कोशिश करने वाले गिरोह के एक सदस्य गगनदीप बंसल को पुलिस ने मध्यप्रदेश के अनूपपुर से गिरफ्तार किया था। वह दिल्ली का निवासी है। उसने अपने साथी विजय लाम्बा, आमीर और शकील के साथ मिलकर सोने की चेन लूटने का प्रयास किया था।

“इस केस में विजय लाम्बा, आमीर और शकील अब भी फरार हैं। दोनों मामलों को जोड़कर जांच करने पर पुलिस को अहम सुराग मिला, जिसके आधार पर टीम उत्तरप्रदेश के लिए रवाना हुई।”
यूपी पुलिस को इनपुट देकर मांगी गई सहायता
“चूंकि आरोपी तेज रफ्तार से भाग रहे थे और बिलासपुर पुलिस उनसे दूरी पर थी, ऐसे में तकनीकी लोकेशन साझा कर यूपी पुलिस से सहयोग लिया गया। इसके बाद उत्तरप्रदेश एटीएस और जिला पुलिस ने मिलकर लुटेरों की तलाश शुरू की। मिर्जापुर में संदिग्ध वाहन का पीछा किया गया।”
भागते आरोपियों को पकड़ने के दौरान हुआ हॉफ एनकाउंटर
पुलिस से बचने के लिए आरोपियों ने कथित तौर पर पिस्टल से फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायर किया, जिसमें एक आरोपी के पैर में गोली लगी। मुठभेड़ के बाद अन्य आरोपी घबरा गए और सरेंडर कर दिया। घायल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सराफा कारोबारियों से आईजी ने फोन पर की बात
घटना के बाद सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारी आईजी रामगोपाल गर्ग से मिलने पहुंचे, लेकिन जांच में व्यस्त होने के कारण फोन पर चर्चा हुई। छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल सोनी से बातचीत में आईजी ने आश्वस्त किया कि सफलता मिलने के बाद वे मुलाकात करेंगे।
“एसएसपी रजनेश सिंह से भी पदाधिकारियों ने संपर्क किया। उन्होंने भी आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया था ।
आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाया जाएगा”
मिर्जापुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके बाद बिलासपुर पुलिस उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आएगी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि लूटा गया कितना सोना और नकदी बरामद हुई है।

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