CG News:– गंदे पानी से पीलिया फैलने का मामला, आत्मानंद स्कूल की छात्रा की मौत, एक माह में 20 विद्यार्थी हुए बीमार

गंदे पानी से पीलिया फैलने का मामला, आत्मानंद स्कूल की छात्रा की मौत, एक माह में 20 विद्यार्थी हुए बीमार
CG News:– बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रघुनाथनगर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में पढ़ने वाली 7वीं कक्षा की छात्रा की पीलिया से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि स्कूल की टंकी में दूषित पानी सप्लाई होने के कारण पिछले महीने से कई छात्र-छात्राएं बीमार पड़ रहे थे। मृतक छात्रा को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां हालत में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने रायपुर रेफर कर दिया। शुक्रवार रात रायपुर ले जाते वक्त रास्ते में ही छात्रा ने दम तोड़ दिया।
सितंबर से फैल रही बीमारी, अब तक 20 बच्चे बीमार:
जानकारी के अनुसार, सितंबर माह में आत्मानंद स्कूल के कई बच्चों को गंदा पानी पीने के चलते उल्टी, बुखार और पीलिया जैसी बीमारी हो गई थी। परिजनों के अनुसार अब तक 20 से अधिक छात्र-छात्राएं इसी कारण बीमार हुए। ग्राम कोगवार निवासी अंजलि जायसवाल, पिता चंद्रिका जायसवाल, उन्हीं छात्रों में से एक थी। स्कूल का पानी लगातार पीने से उसकी तबीयत बिगड़ती गई। जांच में पीलिया के गंभीर लक्षण पाए गए, जिसके बाद उसे अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कर इलाज कराया गया।
इलाज के दौरान बिगड़ी तबीयत, रास्ते में तोड़ा दम:
अंजलि की हालत बिगड़ने पर उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया। उपचार के बावजूद सुधार नहीं हुआ तो डॉक्टरों ने रायपुर रेफर कर दिया। शुक्रवार की रात रायपुर ले जाते समय ही उसने दम तोड़ दिया। घटना से परिवार में शोक का माहौल है। बताया जा रहा है कि अंजलि की छोटी बहन भी पीलिया से संक्रमित थी, हालांकि अब उसकी तबीयत में सुधार है।
अभिभावकों का आरोप, स्कूल प्रशासन की घोर लापरवाही:
छात्रा की मौत के बाद अभिभावकों में गहरा आक्रोश है। परिजनों का कहना है कि स्कूल की टंकी का पानी गंदा था, इसी से बच्चों में संक्रमण फैला। उन्होंने बताया कि बच्चों ने स्कूल प्राचार्य से आरओ वाटर की मांग की थी, लेकिन प्राचार्य ने कहा कि “कलेक्टर से शिकायत करो।” लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की मांग करते हुए परिजनों ने उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।
इस मामले पर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) श्याम किशोर जायसवाल ने बताया कि एक छात्रा की मौत की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि आरओ वाटर और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में स्कूल प्राचार्य से जानकारी ली जाएगी। फिलहाल प्राचार्य मेडिकल लिव पर हैं, इसलिए अभी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
घटना ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और स्कूलों में पीने के पानी की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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