आयुष स्वास्थ्य मेला में 400 मरीजों का हुआ निःशुल्क उपचार-पंडरापथरा में विकासखंड स्तरीय शिविर का हुआ सफल आयोजन

आयुष स्वास्थ्य मेला में 400 मरीजों का हुआ निःशुल्क उपचार पंडरापथरा में विकासखंड स्तरीय शिविर का हुआ सफल आयोजन

बिलासपुर – कोटा विकासखंड के ग्राम पंचायत पंडरापथरा में विकासखंड स्तरीय आयुष स्वास्थ्य मेले का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आयुक्त,आयुष संचालनालय रायपुर (छत्तीसगढ़) के आदेशानुसार एवं जिला आयुष अधिकारी डॉ. यशपाल सिंह ध्रुव के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इस निःशुल्क चिकित्सा शिविर का संचालन डॉ. विजेता पाण्डेय, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी बेलगहना एवं शिविर प्रभारी के नेतृत्व में संपन्न हुआ।

शिविर का शुभारंभ ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती श्वेता मनोज ध्रुव जनपद सदस्य श्रीमती कलावती सोनसिंह ध्रुव,एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा भगवान धनवंतरी के छायाचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर किया गया। उपस्थित जनों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर ग्रामीण अंचलों में लोगों के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध हो रहे हैं।

इस अवसर पर डॉ.महेन्द्र सिंह कंवर,ने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति आज भी मानव जीवन के लिए सबसे प्रभावशाली और प्राकृतिक उपचार प्रणाली है। उन्होंने बताया कि लोगों को पुराने और जटिल रोगों से राहत दिलाने हेतु आयुर्वेद में स्नेहन, स्वेदन, वमन, विरेचन, जानु बस्ती, कटी बस्ती, रक्तमोक्षण, अग्निकर्म, जालौका चिकित्सा जैसी पारंपरिक किन्तु अत्यंत उपयोगी विधाओं का प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज आयुष विभाग द्वारा संचालित संस्थानों में आम जनता को इन सेवाओं का लाभ निःशुल्क मिल रहा है।

स्वास्थ्य मेले में कुल 400 से अधिक रोगियों का निःशुल्क उपचार किया गया। इनमें मुख्यतः संधिवात, आमवात, चर्मरोग, ज्वर, कास, श्वास, प्रतिश्याय, उदररोग, दुर्बलता, अनिद्रा, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, अर्श, स्त्रीरोग आदि से पीड़ित मरीज शामिल रहे। इसके अतिरिक्त लगभग 100 लोगों का ब्लड शुगर एवं ब्लड प्रेशर की जांच भी की गई।

शिविर के दौरान लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए पंपलेट भी वितरित किए गए। इन पंपलेट्स में मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप से बचाव, विभिन्न योगासन, वात रोग एवं जरा रोग की रोकथाम, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य शिक्षा को बढ़ावा देना और लोगों को रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करना था।

शिविर में चिकित्सकों की टीम ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई, जिनमें डॉ. श्याम सिंह पेन्द्रो, डॉ. महेन्द्र सिंह कंवर, डॉ. प्रभात पटेल, डॉ. प्राची देवांगन, डॉ. मोनिका जायसवाल सहित फार्मासिस्ट महेन्द्र सिंह राजपूत, बिरेन्द्र बारी, संतोष साहू, सत्यप्रकाश माथुर, रामकुमार यादव और राजेन्द्र प्रजापति शामिल थे।

कार्यक्रम में बेलगहना, करगीखुर्द, पूडू, केन्दा एवं कोटा के शासकीय आयुर्वेद औषधालयों की टीमों का भी विशेष सहयोग रहा। पूरे शिविर के दौरान चिकित्सा व्यवस्था सुव्यवस्थित रही और मरीजों को उचित परामर्श तथा औषधियाँ प्रदान की गईं।

ग्राम सरपंच श्रीमती स्वेता मनोज ध्रुव ने समापन अवसर पर सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने की बात कही।

इस प्रकार,शिविर प्रभारी डॉ, विजेता पाण्डेय ने कहा आयुष स्वास्थ्य मेला का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक आयुर्वेद, योग, जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को पहुँचाना है। पंडरापथरा में आयोजित इस विकासखंड स्तरीय शिविर में लगभग 400 मरीजों को निःशुल्क परामर्श और औषधियाँ दी गईं। लोगों में आयुर्वेदिक उपचार के प्रति बढ़ती जागरूकता यह बताती है कि प्राकृतिक और सुरक्षित चिकित्सा पद्धतियों पर अब जनता का विश्वास बढ़ रहा है। हमारा प्रयास रहेगा कि ऐसे शिविरों का आयोजन लगातार होता रहे ताकि हर ग्रामीण को स्वास्थ्य सुविधाएँ उनके गांव में ही मिल सकें।”
लोगों ने इस शिविर से निःशुल्क उपचार और स्वास्थ्य संबंधी ज्ञान प्राप्त कर इसे अत्यंत लाभकारी बताया।
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