
Bilaspur News:– स्कूल चलाने वाले एक व्यक्ति को घर बेचने का लालच देकर 40 लाख रुपये ठग लेने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर सरकंडा पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। जांच में पता चला कि जिस मकान की बिक्री का दावा किया गया था, वह न सिर्फ बैंक में गिरवी था बल्कि बेचने वाले के नाम पर भी नहीं था।
Bilaspur बिलासपुर।
राजकिशोर नगर में रहने वाले स्कूल संचालक के साथ उनके ही भरोसेमंद परिचितों ने धोखाधड़ी कर दी। पहले उन्हें मकान दिखाया गया, फिर एग्रीमेंट कराया गया और उसके बाद चोरी-छिपे एक दूसरा एग्रीमेंट भी तैयार कर लिया गया। जब पीड़ित को पूरे मामले की सच्चाई का अंदाज़ा हुआ तो वह सीधे सरकंडा थाने पहुंचा। पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर दिया है। घटना सरकंडा थाना क्षेत्र की है।
CSP निमितेष सिंह ने बताया — कैसे बुनी गई ठगी की पूरी साजिश
सूर्या विहार, सरकंडा निवासी 57 वर्षीय अजीत शुक्ला स्कूल संचालक हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी जान-पहचान राजकिशोर नगर के दिनेश प्रताप सिंह से थी और अक्सर दोनों की मुलाकात होती रहती थी। अप्रैल 2024 में दिनेश ने अजीत की मुलाकात अपने परिचित भास्कर त्रिपाठी से कराई और बताया कि भास्कर अपना मकान बेचना चाहता है।
अजीत को परिवार और स्टाफ के लिए घर की जरूरत थी, इसलिए वे मोपका स्थित विवेकानंद कॉलोनी में मकान देखने पहुंचे। घर पसंद आने पर 24 अप्रैल को एग्रीमेंट किया गया और अजीत ने 36 लाख रुपये चेक के माध्यम से दे दिए। समझौते के मुताबिक, तीन महीने में रजिस्ट्री होनी थी।
लेकिन रजिस्ट्री का समय आया तो पता चला कि मकान अभी तक भास्कर के नाम पर दर्ज ही नहीं हुआ था और वह रायपुर के एयू बैंक में गिरवी भी था। यह अहम जानकारी भास्कर और दिनेश दोनों ने अजीत शुक्ला से छिपाई। इसी बीच दोनों ने किसी और के साथ दूसरा एग्रीमेंट भी कर लिया। जब यह बात अजीत को पता चली तो उन्होंने तुरंत सरकंडा थाना जाकर शिकायत कर दी।
दोनों आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे
शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने
• दिनेश प्रताप सिंह (66 वर्ष), निवासी शिवम सिटी, राजकिशोर नगर मोपका
• भास्कर त्रिपाठी (56 वर्ष), निवासी मोपका
को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया।

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