CG:– सेवानिवृत्त डिप्टी कलेक्टर के घर चंगाई सभा की आड़ में मतांतरण का आरोप, पुलिस को प्रवेश से रोका गया, एफआईआर दर्ज

CG:– सेवानिवृत्त डिप्टी कलेक्टर के घर चंगाई सभा की आड़ में मतांतरण का आरोप, पुलिस को प्रवेश से रोका गया, एफआईआर दर्ज
CG:– अंबिकापुर में एक सेवानिवृत्त डिप्टी कलेक्टर के घर चंगाई सभा आयोजित कर हिंदू समाज के लोगों को शामिल कर कथित रूप से धर्मांतरण कराए जाने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। विवाद की जानकारी पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। मामले में पुलिस ने रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।
Ambikapur अंबिकापुर।
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर के गांधीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत नमनाकला इलाके में रहने वाले सेवानिवृत्त डिप्टी कलेक्टर ओमेगा टोप्पो के निवास पर रविवार को चंगाई सभा का आयोजन किया जा रहा था। आरोप है कि इस सभा के माध्यम से हिंदुओं को बहकाकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। मोहल्ले के लोगों ने घर के भीतर हो रही संदिग्ध गतिविधियों की सूचना हिंदूवादी संगठनों को दी।
जानकारी मिलने के बाद संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे, जहां करीब 60 से 70 लोगों की भीड़ मौजूद थी। घर के बाहर बड़ी संख्या में वाहन खड़े होने से स्थानीय निवासियों का आवागमन भी बाधित हो रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई रविवारों से यहां लगातार इसी तरह की सभाएं आयोजित की जा रही थीं और बाहर से लोगों का आना-जाना बना हुआ था।
मौके पर हिंदूवादी संगठनों ने धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया। स्थिति की जानकारी मिलते ही गांधीनगर पुलिस और तहसीलदार घटनास्थल पर पहुंचे। संगठनों ने प्रशासन को बताया कि इस प्रकार का बड़ा आयोजन बिना अनुमति के किया जा रहा है और हिंदुओं को गुमराह कर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।
रजिस्टर में नाम दर्ज कराने के बाद ही मिलता था प्रवेश
जब शिकायत के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो आयोजकों ने पुलिस को भी घर के अंदर प्रवेश करने से रोक दिया। आयोजकों का कहना था कि अंदर आराधना चल रही है और उसके पूर्ण होने के बाद ही पुलिस अंदर जा सकती है। पुलिस द्वारा सभा में शामिल लोगों की जानकारी मांगे जाने पर एक रजिस्टर प्रस्तुत किया गया।
बताया गया कि चंगाई सभा में शामिल होने के लिए पहले रजिस्टर में नाम दर्ज कर हस्ताक्षर करना अनिवार्य था, इसके बाद ही लोगों को अंदर जाने की अनुमति दी जाती थी। रजिस्टर में अलग-अलग तिथियों पर आयोजित सभाओं और उनमें शामिल लोगों का विवरण दर्ज पाया गया है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है।
मामले में गांधीनगर थाना पुलिस ने सेवानिवृत्त डिप्टी कलेक्टर ओमेगा टोप्पो सहित कुछ पास्टरों को पूछताछ के लिए थाने तलब किया है। हिंदूवादी संगठनों द्वारा दिए गए लिखित आवेदन के आधार पर पुलिस ने छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।
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