CG News :– स्कूल में चाकूबाजी, निलंबित शिक्षिका की तैनाती और सुरक्षा पर सवाल—ABVP का अल्टीमेटम, कहा: सुधार नहीं तो होगा बड़ा आंदोलन


CG News :– एक ओर स्कूलों को संस्कार और सुरक्षा का केंद्र बताया जाता है, दूसरी ओर जमीनी हकीकत डराने वाली तस्वीर पेश कर रही है। रेलवे क्षेत्र स्थित भारत माता स्कूल में व्याप्त अव्यवस्थाओं और सुरक्षा चूक को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
बिलासपुर। विद्यालय परिसर में भारत माता की फोटो या प्रतिमा का न होना, हाल ही में चाकूबाजी जैसी गंभीर घटना, और एक ऐसी महिला शिक्षिका का सेवा में बने रहना जिन्हें पूर्व में निलंबित किया जा चुका है—इन सबने स्कूल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है। विद्यार्थी परिषद का आरोप है कि ये घटनाएं स्कूल में बढ़ती अराजकता, असुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती हैं।
एबीवीपी के महानगर मंत्री अतिंद्र दीवान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा से इस तरह का समझौता किया जा रहा है, तो इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि विद्यालय परिसर में भारत माता की फोटो तत्काल स्थापित की जाए, चाकूबाजी और असामाजिक गतिविधियों में शामिल दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो, और निलंबित शिक्षिका के मामले में स्कूल प्रशासन तत्काल व कठोर निर्णय ले।
विद्यार्थी परिषद का कहना है कि चाकूबाजी जैसी घटना यह साबित करती है कि स्कूल परिसर अब सुरक्षित नहीं रह गया है। ऐसे माहौल में बच्चों की पढ़ाई और मानसिक सुरक्षा दोनों खतरे में हैं। एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो संगठन को बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्यालय प्रशासन की होगी।
इस मौके पर प्रांत सह मंत्री एवं विभाग संयोजक हिमांशु कौशिक, महानगर मंत्री अतिंद्र धर दीवान सहित आयुष तिवारी, महानगर सह मंत्री प्रणव गौतम, वैष्णवी परसाई, अजय दुबे, रिशु साहू, भाग संयोजक नैतिक नामदेव, भाग मंत्री विपुल अग्रवाल, राहुल चौहान, सुधांशु यादव, मानसी तिग्गा, राशि मिश्र, तनाज मिर्ज़ा, राजन शुक्ला, तनिषा गौतम, अजय पांडेय, उत्तम चौहान, देवेश शर्मा, माधव शर्मा, कबीर करिहर, निखिल यादव, वेदांत राव, प्रणव सिंह तोमर, देवांशू पांडेय, तेजस्वी साहू सहित महानगर और प्रांत के दायित्ववान कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक इस पूरे मामले में कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन विद्यार्थी परिषद के तेवर साफ संकेत दे रहे हैं कि यदि हालात नहीं सुधरे, तो यह मुद्दा जल्द ही बड़ा आंदोलन बन सकता है।
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