
भिलाई: जब सच्चाई के लिए आवाज उठाई जाए और उसी का इनाम हिंसा मिले, तो समझिए इंसानियत खतरे में है! ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला भिलाई से सामने आया है, जहां एक जांबाज पत्रकार ने मासूम जानवरों पर हो रही क्रूरता के खिलाफ आवाज उठाई, तो खुद ही हिंसा का शिकार हो गया!

सूत्रों के मुताबिक, एक प्रतिष्ठित स्कूल के प्रिंसिपल और उसके कुछ साथियों ने पत्रकार पर न केवल गाली–गलौज की, बल्कि मोबाइल छीनकर खुलेआम उसकी पिटाई भी कर दी। बीच सड़क पर पत्रकार को मुक्कों से मारा गया और धमकाया गया कि अगर ज्यादा बोलोगे, तो अंजाम बुरा होगा!
क्या अब शिक्षक ही बनेंगे हिंसा के प्रतीक?
शिक्षक को तो करुणा और नैतिकता का संदेश देना चाहिए, लेकिन जब वही दबंगई पर उतर आए, तो समाज किस दिशा में जाएगा? यह केवल एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि सच्चाई को दबाने की साजिश है!
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