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AIBE 20 Result जारी: 69.21% अभ्यर्थी सफल, रतनपुर की बेटी खुशी अग्रवाल ने ,2.5 लाख अभ्यर्थियों की भीड़ में पहला ही प्रयास सुपरहिट!”

Bilaspur/Ratanpur News:– देश में हर साल लाखों युवा परीक्षा देते हैं। कुछ पास होते हैं, कुछ पीछे छूट जाते हैं। लेकिन कभीकभी किसी एक का पास होना, सिर्फ उसका निजी रिजल्ट नहीं होता वह पूरे समाज के लिए एक सवाल और एक उम्मीद बन जाता है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन AIBE 20 का रिजल्ट जारी कर दिया गया है। इस परीक्षा का देशभर के अभ्यर्थी लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। जारी परिणाम के अनुसार इस बार कुल 69.21 प्रतिशत अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं। परीक्षा में कुल 2,51,968 उम्मीदवार शामिल हुए थे, जिनमें से 1,74,386 अभ्यर्थियों ने क्वालीफाई किया है।

Bilaspur/Ratanpur News:– इसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के रतनपुर नगर के लिए गर्व की खबर सामने आई है। रतनपुर नगर की 24 वर्षीय बेटी खुशी अग्रवाल ने ऑल इंडिया बार काउंसिल परीक्षा को पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण कर लिया है। इस सफलता के साथ खुशी अब देश के किसी भी हाईकोर्ट एवं अन्य न्यायालयों में विधि प्रैक्टिस करने के लिए अधिकृत हो गई हैं।

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खुशी अग्रवाल, रतनपुर नगर निवासी व्यापारी एवं समाजसेवी दीपक अग्रवाल की पुत्री हैं। परीक्षा परिणाम घोषित होते ही उनके निवास पर बधाई देने वालों का सिलसिला शुरू हो गया। रिश्तेदारों, मित्रों और नगरवासियों ने मिठाइयाँ बांटकर खुशी जाहिर की और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

क्यों चुना वकालत का रास्ता, कहां से मिली प्रेरणा

AIBE 20 Result जारी: 69.21% अभ्यर्थी सफल, रतनपुर की बेटी खुशी अग्रवाल ने ,2.5 लाख अभ्यर्थियों की भीड़ में पहला ही प्रयास सुपरहिट!”

खुशी अग्रवाल बताती हैं कि उन्होंने पीड़ित, शोषित और कमजोर वर्ग के लोगों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से वकालत के क्षेत्र को चुना। उनका कहना है कि समाज में अन्याय के खिलाफ खड़े होने और कानून के माध्यम से लोगों को उनका अधिकार दिलाने की भावना ने उन्हें इस रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

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खुशी के अनुसार, इस सफर में उन्हें अपने मातापिता और शिक्षकों का निरंतर मार्गदर्शन और समर्थन मिला। उन्हीं की प्रेरणा से उन्होंने लगातार पढ़ाई और कड़ी मेहनत जारी रखी, जिसका परिणाम आज AIBE 20 की सफलता के रूप में सामने आया है।

खुशी अग्रवाल कहती हैं कि यह मुकाम उनके लिए अंतिम नहीं है। उनका कहना है कि आगे भी वे इसी तरह मेहनत जारी रखेंगी और वकालत के क्षेत्र में रहकर निष्पक्ष न्याय की लड़ाई लड़ेंगी, ताकि जरूरतमंद और पीड़ित लोगों को न्याय मिल सके।

कटऑफ में हुआ बदलाव

बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा प्रोविजनल आंसरकी जारी किए जाने के बाद उम्मीदवारों से आपत्तियां आमंत्रित की गई थीं। आपत्तियों के निराकरण के बाद जारी फाइनल आंसरकी में पांच प्रश्नों को हटाया गया, जिसके चलते कटऑफ अंकों में संशोधन किया गया है।

संशोधित कटऑफ के अनुसार

सामान्य एवं ओबीसी वर्ग के लिए 95 में से 43 अंक
एससी/एसटी वर्ग के लिए 95 में से 38 अंक तय किए गए हैं।

सफल अभ्यर्थियों को मिलेगा CoP

AIBE 20 परीक्षा में सफल घोषित किए गए सभी अभ्यर्थियों को बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर सेसर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस (CoP)’ जारी किया जाएगा। इसके बाद वे देश की अदालतों में आधिकारिक रूप से वकालत कर सकेंगे।

खुशी अग्रवाल की यह सफलता सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि रतनपुर नगर और आसपास के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। नगरवासियों का कहना है कि खुशी ने यह साबित कर दिया है कि छोटे शहरों से निकलकर भी बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।

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Kanha Tiwari

छत्तीसगढ़ के जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्होंने पिछले 10 वर्षों से लोक जन-आवाज को सशक्त बनाते हुए पत्रकारिता की अगुआई की है।

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