Bilaspur News:– धान के हर दाने का हिसाब, अमरनाथ एग्रो प्रोडक्ट्स राइस मिल में प्रशासन की सख़्त दबिश, 11,443 बोरी धान गायब

Bilaspur, बिलासपुर। धान-चावल के स्टॉक और पारदर्शिता पर अब प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर (राइस मिल) में अचानक औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएँ सामने आईं।
Bilaspur News:–बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर सिरगिट्टी स्थित अमरनाथ एग्रो प्रोडक्ट्स (राइस मिल) में की गई औचक जांच ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।बिलासपुर तहसीलदार प्रकाश साहू के नेतृत्व में अतिरिक्त तहसीलदार, दो खाद्य निरीक्षक, पटवारी और नागरिक आपूर्ति निगम के कर्मचारियों की संयुक्त टीम ने राइस मिल परिसर का गहन निरीक्षण किया। मिल में धान बड़ी मात्रा में बेतरतीब हालत में फैला मिला, जिसके चलते जांच दल को पूरे स्टॉक का मिलान करने में लगातार दो दिन लग गए।
जांच के दौरान मिल प्रबंधन ने चालू विपणन वर्ष में विभिन्न समितियों से करीब 59,500 क्विंटल धान लाकर रखने की जानकारी दी। भौतिक सत्यापन में लगभग 5,000 क्विंटल चावल की मिलिंग होना पाया गया, लेकिन जब कागज और जमीन का हिसाब जोड़ा गया, तो असली तस्वीर सामने आई।
राइस मिल में कुल 11,443 बोरियां धान कम पाई गईं।
स्टॉक डिटेल रजिस्टर, बी-1 रजिस्टर सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज न तो अपडेट थे और न ही नियमों के अनुरूप संधारित।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के कार्यपालन यंत्री को पत्र लिखकर राइस मिल में पिछले 10 दिनों और पिछले एक माह की बिजली खपत की जानकारी मांगी है, ताकि मिलिंग की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
पूरी कार्रवाई एसडीएम के मार्गदर्शन में संपन्न की गई। मौके पर सभी बिंदुओं का विधिवत पंचनामा तैयार कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई के लिए विस्तृत प्रतिवेदन संबंधित उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है।




