Bilaspur News:- बिलासपुर में अवैध उत्खनन पर कार्रवाई के बाद गरमाई राजनीति, भाजपा जिलाध्यक्ष ने उठाए सवाल,कांग्रेस नेता बोले-दोषियों पर की जाए कार्रवाई,VIDEO…

Bilaspur News:- बिलासपुर जिले में बेलतरा से कोटा तक रेत और मुरूम के अवैध उत्खनन को लेकर प्रशासन और राजनीति आमने–सामने आ गए हैं। कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 14 ट्रैक्टर–ट्रॉली, 5 हाइवा, 1 पोकलेन और 2 जेसीबी सहित कुल 22 वाहनों को जब्त किया, जिससे खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया। इस कार्रवाई को प्रशासन की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि इसके पीछे बढ़ते राजनीतिक दबाव की चर्चा भी जोर पकड़ रही है। इस बीच, जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष विजय केशरवानी ने अवैध खनन पर तत्काल अंकुश लगाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं, प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष का बयान सुर्खियों में आ गया है, जिससे सियासी हलचल और तेज हो गई है। अपनी ही सरकार के प्रशासन पर उठे सवालों ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। अब इस मुद्दे को लेकर जनमानस और सत्ता के गलियारों में तरह–तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
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Bilaspur बिलासपुर। जिले में अवैध खनिज उत्खनन का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। बेलतरा से लेकर कोटा विधानसभा क्षेत्र तक रेत और मुरूम की अवैध खोदाई ने प्रशासन और राजनीति दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। इस बीच जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं बेलतरा से विधायक प्रत्याशी रहे विजय केशरवानी ने खनिज माफियाओं पर तत्काल अंकुश लगाने की मांग करते हुए जिला प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की अपील की है।
ग्रामीणों में भय, पर्यावरण पर खतरा
विजय केशरवानी ने आरोप लगाया कि अवैध उत्खनन के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। रेत और मुरूम की अंधाधुंध खुदाई से सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा है, वहीं पर्यावरणीय संतुलन भी बिगड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मुरूम की अवैध खोदाई से बेशकीमती सरकारी जमीनें बर्बाद हो रही हैं और कई स्थानों की स्थिति बीहड़ जैसी बनती जा रही है, जिससे जन-धन की हानि का खतरा बढ़ गया है।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल
उन्होंने जिला प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि समय रहते अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। केशरवानी ने पूछा कि सरकारी तंत्र की मौजूदगी के बावजूद आखिर किसके संरक्षण और इशारे पर यह अवैध कारोबार संचालित हो रहा है। उन्होंने दोषियों की पहचान कर उन्हें बेनकाब करने की मांग की।
सत्ताधारी दल में भी मतभेद
अवैध खनन को लेकर सत्ताधारी दल भाजपा के भीतर भी असंतोष के संकेत सामने आए हैं। केशरवानी ने दावा किया कि भाजपा के जिलाध्यक्ष द्वारा अपनी ही सरकार के प्रशासन पर उठाए गए सवाल इस मामले की गंभीरता को दर्शाते हैं। उनके अनुसार, इस मुद्दे की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
हालिया घटना ने बढ़ाई चिंता
रतनपुर क्षेत्र में हाल ही में हुई घटना, जिसमें एक नाबालिग की मौत हो गई और एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ, ने अवैध खनन के दुष्परिणामों को उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं समय रहते कठोर कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।
सख्त कार्रवाई की मांग
विजय केशरवानी ने प्रशासन से अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने और प्रभावित क्षेत्रों में सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की है।

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