Bilaspur Police Review Meeting: क्राइम रिव्यू बैठक में लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश, स्कूल-कॉलेज के पास पेट्रोलिंग बढ़ाने, ईव-टीजिंग पर सख्ती और गुंडा तत्वों की जमानत निरस्तीकरण की हिदायत

Bilaspur बिलासपुर। पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने बिलासपुर रेंज कार्यालय में बिलासपुर जिले के पुलिस अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह सहित सभी राजपत्रित अधिकारी, सीएसपी/एसडीओपी तथा थाना–चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत में आईजी ने सभी अधिकारियों का औपचारिक परिचय लिया। इसके बाद एसएसपी रजनेश सिंह ने जिले की अपराध स्थिति और कानून व्यवस्था पर सामान्य प्रस्तुतीकरण दिया। आईजी ने नगर पुलिस अधीक्षकों और अनुविभागीय अधिकारियों से कोतवाली, सिविल लाइन, मस्तूरी, कोटा और अजाक क्षेत्र की विस्तार से जानकारी ली। थानों के संवेदनशील क्षेत्रों, अपराधों की प्रकृति और लंबित प्रकरणों पर सूक्ष्म पूछताछ की गई। वर्ष 2023 से पूर्व के लंबित गंभीर मामलों को प्राथमिकता से निराकृत करने के निर्देश थाना प्रभारियों को दिए गए।
स्कूल–कॉलेज के पास पेट्रोलिंग, ईव–टीजिंग पर सख्ती–
आईजी गर्ग ने स्कूल और कॉलेजों के आसपास नियमित पेट्रोलिंग पार्टी तैनात करने के निर्देश दिए। महिलाओं और छात्राओं के साथ छेड़छाड़, ईव–टीजिंग जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। समाज की शांति भंग करने वाले गुंडा तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और जमानत पर छूटे आरोपियों की जमानत निरस्तीकरण की प्रक्रिया अपनाने के निर्देश भी दिए गए।
बीट सिस्टम की सराहना की–
एसएसपी रजनेश सिंह ने बिलासपुर शहर के लिए लागू नए बीट सिस्टम का प्रेजेंटेशन दिया, जिसकी आईजी ने सराहना की। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश अंतिम पंक्ति के कर्मचारी तक स्पष्ट रूप से पहुंचें, यह सुनिश्चित किया जाए।
फिंगरप्रिंट डाटाबेस व ऑनलाइन मिलान पर जोर–
आईजी ने अपराधियों और संदिग्धों के फिंगरप्रिंट डाटाबेस को मजबूत करने तथा ऑनलाइन मिलान प्रणाली का प्रभावी उपयोग कर अपराधों की पतासाजी बढ़ाने के निर्देश दिए।
फरियादियों की सुनवाई में संवेदनशीलता–
आईजी गर्ग ने स्पष्ट कहा कि थानों में आने वाले फरियादियों की शिकायतों को संवेदनशीलता से सुना जाए। रिपोर्ट दर्ज करने में अनावश्यक विलंब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यातायात और ध्वनि प्रदूषण पर सख्ती–
शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार को लेकर भी चर्चा हुई। कोलाहल अधिनियम के तहत डीजे और ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले उपकरणों को जब्त कर न्यायालय में पेश करने के निर्देश दिए गए।
ऐप मॉनिटरिंग और साइबर समीक्षा–
आईजी ने ‘सशक्त’ और ‘त्रिनयन’ ऐप की सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। रेंज साइबर थाना और एआईसीसीयू यूनिट की अलग से समीक्षा किए जाने की जानकारी भी दी। बैठक के अंत में एसएसपी रजनेश सिंह ने सभी अधिकारियों को आईजी द्वारा दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की हिदायत दी। बैठक में एएसपी मधुलिका सिंह, पंकज पटेल, रामगोपाल करियारे सहित सभी डीएसपी, एसडीओपी, थाना व चौकी प्रभारी मौजूद रहे।

Live Cricket Info

