CG ACB Trap in SI–ASI Case:– फर्जी केस में फंसाने की धमकी देकर वसूली, कोरिया में सब इंस्पेक्टर और एएसआई 25 हजार लेते रंगे हाथ दबोचे गए

CG ACB Trap in SI–ASI Case:– एक चौंकाने वाली ट्रैप कार्रवाई में बचरापोड़ी पुलिस चौकी के एसआई अब्दुल मुनाफ और एएसआई ध्रुव प्रसाद यादव को एंटी करप्शन ब्यूरो अंबिकापुर की टीम ने 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। आरोप है कि मर्ग जांच के दौरान एक ग्रामीण को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 50 हजार रुपये मांगे गए थे, जो बाद में 25 हजार में तय हुए। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने सुनियोजित जाल बिछाया और रकम लेते ही दोनों को रंगे हाथों दबोच लिया। फिलहाल भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई जारी है।
कोरिया। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए Anti Corruption Bureau (एसीबी) अंबिकापुर की टीम ने बचरापोड़ी पुलिस चौकी में पदस्थ सब इंस्पेक्टर और एएसआई को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने एक ग्रामीण को झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी देकर 50 हजार रुपये की मांग की थी, जो बाद में 25 हजार रुपये में तय हुई। ट्रैप कार्रवाई के दौरान दोनों को नकद रकम के साथ धर दबोचा गया।
क्या है मामला?
घटना कोरिया जिले के बचरापोड़ी पुलिस चौकी की है। यहां चौकी प्रभारी के रूप में सब इंस्पेक्टर अब्दुल मुनाफ पदस्थ हैं, जबकि एएसआई ध्रुव प्रसाद यादव भी वहीं तैनात हैं।
जानकारी के अनुसार, चौकी क्षेत्र के निवासी सत्येंद्र प्रजापति के घर के सामने कुछ समय पूर्व एक हादसा हुआ था, जिसमें गड्ढे में गिरने से करीब डेढ़ वर्षीय मासूम की मौत हो गई थी। इस घटना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। चूंकि गड्ढा सत्येंद्र प्रजापति के घर के सामने स्थित था, इसलिए उन्हें बयान के लिए चौकी बुलाया गया।
इसी मर्ग जांच के दौरान आरोप है कि एसआई अब्दुल मुनाफ और एएसआई ध्रुव प्रसाद यादव ने सत्येंद्र प्रजापति को मामले में फंसा देने की धमकी दी और 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग रखी। काफी बातचीत के बाद सौदा 25 हजार रुपये में तय हुआ।
शिकायत के बाद बिछाया गया जाल
पीड़ित ग्रामीण ने पूरी जानकारी एसीबी अंबिकापुर कार्यालय को दी। शिकायत का सत्यापन किए जाने के बाद टीम ने ट्रैप की रणनीति तैयार की।
पूर्व निर्धारित योजना के तहत शिकायतकर्ता को 25 हजार रुपये की राशि लेकर पुलिस चौकी भेजा गया। जैसे ही उसने रकम दोनों पुलिसकर्मियों को सौंपी और बाहर आकर संकेत दिया, एसीबी की टीम ने तत्काल दबिश दी।
कार्रवाई के दौरान एसआई अब्दुल मुनाफ और एएसआई ध्रुव प्रसाद यादव को रिश्वत की राशि सहित मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
आगे की प्रक्रिया जारी
एसीबी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस कार्रवाई के बाद जिले में हड़कंप मच गया है। मर्ग जांच जैसे संवेदनशील मामले में रिश्वत मांगने के आरोप ने पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल एसीबी की कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

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