CG Crime News:– लोक सेवा केंद्र की आड़ में चल रहे सायबर फ्रॉड का खुलासा, फ्रॉड गिरोह में दर्जनों युवतियां शामिल

CG Crime News:– पुलिस ने लोक सेवा केंद्र की आड़ में चल रहे एक बड़े साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जो फर्जी मैट्रिमोनियल साइट और सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिए लोगों को शादी के नाम पर ठग रहा था। गिरोह पहले वैध कार्य करता था, लेकिन लाइसेंस रद्द होने के बाद भी अवैध रूप से गतिविधियां जारी रखीं और “इंडिया मैट्रिमोनी” जैसे फर्जी प्लेटफॉर्म बनाकर लोगों से रजिस्ट्रेशन, मीटिंग और अन्य शुल्क के नाम पर यूपीआई और क्यूआर कोड के जरिए पैसे वसूले जाते थे। छापेमारी में फर्जी दस्तावेज, मुहरें, एडिटिंग सॉफ्टवेयर से छेड़छाड़ के सबूत और डिजिटल डेटा बरामद हुआ है। पुलिस ने इसे संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क मानते हुए जांच तेज कर दी है और फॉरेंसिक जांच जारी है। SSP शशि मोहन सिंह ने नागरिकों से ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने की अपील की है।
Raigarh रायगढ़। रायगढ़ पुलिस ने एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के नाम पर चल रहे बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। यह पूरा रैकेट लोक सेवा केंद्र की आड़ में संचालित किया जा रहा था, जहां यूट्यूब चैनल और फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिए लोगों को शादी के नाम पर ठगी का शिकार बनाया जा रहा था।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में की गई, जिसमें साइबर थाना, महिला थाना और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने दरोगापारा क्षेत्र स्थित एक कार्यालय पर दबिश दी।

ऐसे चलता था पूरा ठगी नेटवर्क:–
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले लोक सेवा केंद्र के माध्यम से वैध कार्य कर रहे थे, लेकिन लाइसेंस निरस्त होने के बाद भी अवैध गतिविधियां जारी रखीं।
इसके बाद “इंडिया मैट्रिमोनी” नाम से फर्जी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार कर लोगों को जाल में फंसाया जाने लगा। इस पूरे नेटवर्क में यूट्यूब चैनलों पर फर्जी प्रोफाइल और फोटो अपलोड किए जाते थे। फर्जी जीमेल आईडी और मोबाइल नंबरों से संपर्क किया जाता था और पहले बायोडाटा मंगाकर रजिस्ट्रेशन फीस यूपीआई से ली जाती थी। फिर दूसरे चरण में मीटिंग और बातचीत के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूला जाता था। शुल्क के नाम पर व्हाट्सएप क्यूआर कोड के जरिए लगातार पैसे ट्रांसफर कराए जाते थे। पैसे वसूलने के बाद पीड़ितों से संपर्क तोड़ दिया जाता था और “रिश्ता पसंद नहीं आया” कहकर नए लोगों को निशाना बनाया जाता था।
छापेमारी में मिले अहम सबूत:–
पुलिस कार्रवाई के दौरान, लैपटॉप से फोटोशॉप के जरिए दस्तावेजों में छेड़छाड़ के प्रमाण विभिन्न विभागों की फर्जी सील और मुहरें भी बरामद हुई है। संदिग्ध डिजिटल डेटा और फाइलें भी जप्त की गई है।इसके अलावा एक अन्य संस्था पर भी दबिश दी गई, जहां संचालक ने इस नेटवर्क से जुड़ाव की बात स्वीकार की है।
पुलिस जांच तेज, बड़ा नेटवर्क होने की आशंका:–
पुलिस का मानना है कि यह सिर्फ एक छोटा गिरोह नहीं, बल्कि एक संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क है, जिसमें कई लोग शामिल हो सकते हैं। सभी डिजिटल साक्ष्यों को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
एसएसपी का सख्त संदेश:–
शशि मोहन सिंह ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि “ऑनलाइन मैट्रिमोनियल या सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिए होने वाली ठगी से सावधान रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।”

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