CG Cyber Crime News:– फर्जी CBI अधिकारी और जज बनकर बुजुर्ग महिला को ‘डिजिटल अरेस्ट’; 80 लाख की ठगी… वहीं व्यापारी को शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 1 करोड़ 21 लाख की धोखाधड़ी का खुलासा

CG Cyber Crime News:– राजनांदगांव पुलिस ने साइबर अपराध के दो अलग-अलग मामलों से पर्दा उठाया है। पहले मामले में 79 वर्षीय महिला को ठगों ने खुद को CBI अफसर और जज बताते हुए ऑनलाइन सुनवाई का डर दिखाकर करीब 80 लाख रुपए ऐंठ लिए। वहीं दूसरे केस में बिजनेसमैन को फर्जी ट्रेडिंग वेबसाइट भेजकर 1 करोड़ 21 लाख से अधिक की रकम हड़प ली गई। दोनों मामलों में पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा है।
Rajnandgaon राजनांदगांव।
जिले की साइबर सेल और थाना कोतवाली ने दो बड़े साइबर धोखाधड़ी मामलों में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।पहला मामला: बुजुर्ग महिला को वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट, 79.69 लाख की ठगी
अज्ञात साइबर ठगों ने सबसे पहले खुद को एयरटेल कंपनी का कर्मचारी बताया, फिर कुछ देर बाद CBI अधिकारी और इसके बाद “जज” बनकर 79 वर्षीय महिला को धमकाया कि वह मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर केस में फंस चुकी है।
व्हाट्सऐप वीडियो कॉल पर फर्जी कोर्टरूम का माहौल बनाकर महिला को “डिजिटल अरेस्ट” का झांसा देते हुए कहा गया कि यदि वह निर्दोष हैं तो तुरंत अपनी बैंक की राशि जज के बताए खाते में भेजें, तभी जांच में उन्हें क्लीन चिट मिलेगी।

घबराई हुई पीड़िता ने आरोपियों द्वारा बताए खातों में 79,69,047 रुपए ट्रांसफर कर दिए। शिकायत मिलने पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 700/2025 दर्ज कर पुलिस जांच शुरू हुई।
जांच के दौरान पता चला कि लगभग 20 लाख रुपए गुरुग्राम स्थित यस बैंक खाते में जमा किए गए थे। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर साइबर टीम ने गुरुग्राम में दबिश देकर एक आरोपी को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी —
(01) राधेश्याम पिता धनाराम, उम्र 20 वर्ष, निवासी कुशलावा, जिला जोधपुर (राजस्थान)
यह युवक ठगी की राशि को एटीएम और चेक के माध्यम से कैश में निकालकर 2% कमीशन लेकर गिरोह तक पहुंचाता था। अन्य आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
दूसरा मामला: ट्रेडिंग में दुगना पैसा देने का झांसा, व्यापारी से 1,21,53,590 रुपए की ठगी
राजनांदगांव के युवा व्यापारी आयुष अग्रवाल को साइबर ठगों ने ऑनलाइन फॉरेक्स/ट्रेडिंग विशेषज्ञ बनकर निवेश करने के लिए उकसाया।
व्हाट्सऐप संदेश के जरिए फर्जी ट्रेडिंग वेबसाइट का लिंक भेजा गया। शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए ठगों ने प्लेटफॉर्म से 15,000 रुपए का छोटा मुनाफा व्यापारी के खाते में भेज भी दिया।
इसके बाद बड़े लाभ का लालच देते हुए व्यापारी से अलग–अलग खातों में 1,21,53,590 रुपए जमा कराए गए। जब पीड़ित ने बढ़ी हुई रकम निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने बहाने बनाना शुरू कर दिया। संदेह होने पर व्यापारी ने साइबर हेल्पलाइन 1930 और थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 656/2025 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई।
साइबर टीम ने मनी ट्रेल का पीछा करते हुए मध्यप्रदेश के सीहोर और इंदौर में दबिश दी। इस दौरान पाया गया कि 9 लाख रुपए एक करंट अकाउंट में जमा हुए थे, जिसे ‘किसान बाजार’ नाम से खोला गया था। खाते का मालिक इसे मोटी कमीशन पर साइबर गिरोह को बेच चुका था।
तफ्तीश में यह भी सामने आया कि यह गिरोह बैंक खातों की सप्लाई के लिए कमीशन लेता था और भुगतान क्रिप्टो करेंसी (USDT) में लिया जाता था।
गिरफ्तार आरोपी —
(01) धीरज सिंह पिता गुलाब सिंह, उम्र 34 वर्ष, निवासी अंजनी नगर, काजीखेड़ी थाना पार्वती (मध्यप्रदेश)
(02) अरविंद ठाकुर पिता मनोज सिंह ठाकुर, उम्र 30 वर्ष, निवासी मुकाती कॉलोनी, बैंक ऑफ बड़ौदा के पास, आष्टा, जिला सीहोर (म.प्र.)
(03) डिम्पल सिंह यादव पिता रणबीर सिंह, उम्र 22 वर्ष, निवासी भिण्डावास, जिला झज्जर (हरियाणा)
डिम्पल साइबर सिक्योरिटी का B.Tech छात्र है और यह 2.8% कमीशन लेकर बैंक खाते उपलब्ध कराता था।
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