CG IPS Selection:– छत्तीसगढ़ के किसान की बेटी दर्शना सिंह बनी आईपीएस, मुख्यमंत्री डीएवी पब्लिक स्कूल से की है पढ़ाई, मां है पार्षद

CG IPS Selection:–मनेंद्रगढ़ की 24 वर्षीय दर्शना सिंह ने 383वीं रैंक के साथ यूपीएससी में आईपीएस के लिए चयन हासिल किया। माता सीमा सिंह नगर पंचायत की पार्षद हैं और पिता अरुण सिंह किसान। दर्शना ने अपने गांव के मुख्यमंत्री डीएवी पब्लिक स्कूल से पढ़ाई पूरी की, फिर IIT कानपुर से इंजीनियरिंग की डिग्री ली। पाँचवीं कक्षा से ही उनका सपना प्रशासनिक अधिकारी बनने का था। पहले प्रयास में चयन नहीं हुआ, लेकिन दूसरे प्रयास में सफलता मिली। साक्षात्कार की तैयारी के लिए उन्होंने माता–पिता, शिक्षकों और दोस्तों से मार्गदर्शन लिया। भविष्य में आईएएस बनने के लिए तीसरा प्रयास करेंगी, अन्यथा एक ईमानदार और प्रेरक पुलिस अधिकारी बनेंगी। जिले की एसपी रत्ना सिंह और कलेक्टर राहुल वेंकट ने उन्हें बधाई दी।
मनेंद्रगढ़। यूपीएससी के परिणाम आज घोषित किए गए, जिनमें छत्तीसगढ़ के एक छोटे से गांव की बेटी ने अपने माता–पिता के सहयोग और मेहनत के दम पर प्रदेश का नाम रोशन किया है। 24 वर्षीय दर्शना सिंह ने 383वीं रैंक के साथ आईपीएस के लिए चयन सूची में स्थान बनाया है। दर्शना ने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद यूपीएससी में सफलता पाई है। जिले से यह पहली महिला हैं, जिन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में चयन प्राप्त किया है।
जन्मस्थान और परिवार:
दर्शना सिंह मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिले के जनकपुर की निवासी हैं। जनकपुर पहले ग्राम पंचायत था, जिसे बाद में नगर पंचायत का दर्जा मिला। उनकी माता सीमा सिंह वर्तमान में नगर पंचायत जनकपुर की पार्षद हैं और पिता अरुण सिंह किसान हैं।
शिक्षा:
दर्शना ने अपनी प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा भगवानपुर स्थित मुख्यमंत्री डीएवी पब्लिक स्कूल से पूरी की। उन्होंने 12वीं तक गणित विषय लिया और उसके बाद जेईई परीक्षा पास कर आईआईटी कानपुर से इंजीनियरिंग में एडमिशन लिया।

छोटी उम्र से अधिकारी बनने की चाह:
दर्शना ने बताया कि पांचवीं कक्षा से ही उनका सपना प्रशासनिक अधिकारी बनने का था। उस समय उनके पिता ने अच्छे अंक लाने पर उन्हें यूपीएससी में सफलता पाने के लिए प्रेरित किया। अपने लक्ष्य को पाने के लिए दर्शना ने बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद दिल्ली में यूपीएससी कोचिंग ली और एक साल तक नियमित रूप से तैयारी की। मुख्य परीक्षा में उन्होंने वैकल्पिक विषय समाजशास्त्र चुना, जिसे उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान भी अध्ययन किया था।
पहले प्रयास में न मिली सफलता, दूसरे प्रयास में चयन:
पहले प्रयास में दर्शना ने प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा पास कर साक्षात्कार तक पहुँची, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो पाया। हार न मानते हुए उन्होंने दूसरे प्रयास में सफलता पाई और आईपीएस के लिए चयनित हुईं।
साक्षात्कार की तैयारी:
साक्षात्कार के लिए दर्शना ने किताबों के साथ–साथ अपने माता–पिता, शिक्षकों और मित्रों से भी मार्गदर्शन लिया। उन्होंने अपने गांव, जिले और प्रदेश की जानकारी को विस्तार से समझा। उनके अनुसार, यूपीएससी का इंटरव्यू ऐसा पड़ाव है जिसमें जीवन भर का ज्ञान केवल आधे घंटे में पेश करना पड़ता है।

भविष्य की योजना:
दर्शना ने बताया कि वे फिलहाल आईपीएस के रूप में ज्वाइन करेंगी, लेकिन ट्रेनिंग के दौरान एक और प्रयास कर आईएएस बनने का तीसरा अटेम्प्ट देंगी। यदि किसी कारणवश आईएएस में चयनित नहीं हुईं, तो वे एक ईमानदार और प्रेरक पुलिस अधिकारी बनने का प्रयास जारी रखेंगी।
कलेक्टर और एसपी ने दी बधाई:
दर्शना सिंह जिले की पहली महिला हैं, जिन्होंने यूपीएससी में चयन प्राप्त किया। इस उपलब्धि पर जिले की एसपी रत्ना सिंह और कलेक्टर राहुल वेंकट ने उन्हें बधाई दी। दोनों अधिकारियों ने कहा कि छोटे से क्षेत्र से निकलकर देश की प्रतिष्ठित सेवा में स्थान बनाना युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।

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