ब्रेकिंग न्यूज़

CG News:– भीड़ की तरह न्याय करने लगी पुलिस और प्रशासन तो देश में लोकतंत्र और संविधान का मतलब ही क्या? तमनार में निकाले गए जुलूस के खिलाफ राज्यपाल तक पहुंची शिकायत

Raipur News:– रायपुर | 16 जनवरी 2026 रायगढ़ जिले के तमनार में 5 जनवरी 2026 को हुई घटना अब केवल एक गांव या समुदाय तक सीमित नहीं रह गई है। यह मामला प्रशासनिक संवेदनशीलता, पुलिस की भूमिका और नागरिक की गरिमा जैसे बुनियादी सवालों से जुड़ता जा रहा है। इसी कड़ी में सामाजिक कार्यकर्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट कुणाल शुक्ला ने रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के खिलाफ राज्यपाल को औपचारिक शिकायत सौंपते हुए दोनों अधिकारियों के तत्काल निलंबन की मांग की है।

क्या है तमनार की घटना

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

5 जनवरी 2026 को तमनार क्षेत्र में साहू समाज से जुड़े व्यक्ति चित्रसेन साव के साथ कथित तौर पर
सार्वजनिक रूप से अर्धनग्न किया गया,
जूतेचप्पलों की माला पहनाई गई,
और भीड़ के सामने अपमानित किया गया।

यह दृश्य केवल एक व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार नहीं, बल्कि सार्वजनिक रूप से उसकी मानवीय गरिमा को कुचलने जैसा था।

मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप

एक्टिविस्ट कुणाल शुक्ला का कहना है कि यह पूरा घटनाक्रम मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त सम्मान के साथ जीने के अधिकार पर सीधा हमला है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने तो तत्परता दिखाई और ही संवेदनशीलता का परिचय दिया।

  Janjgir news:– गौठान में मवेशियों की सामूहिक मौत, लापरवाह सरपंच सलाखों के पीछे

प्रशासन की भूमिका पर सवाल

शिकायत में यह भी कहा गया है कि जिन अधिकारियों पर कानून व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, वही इस पूरे प्रकरण में मौन या निष्क्रिय नजर आए। इससे यह आशंका गहराती है कि क्या प्रभावशाली भीड़ के आगे प्रशासन असहाय साबित हुआ।

NHRC तक पहले ही पहुँच चुका है मामला

तमनार कांड को लेकर यह पहला कदम नहीं है। इससे पहले भी कुणाल शुक्ला ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) में रायगढ़ कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, अब तक किसी ठोस या निर्णायक कार्रवाई के संकेत सामने नहीं आए हैं।

राज्यपाल तक पहुँची शिकायत, फिर गरमाया मामला

अब राज्यपाल तक शिकायत पहुँचने के बाद यह प्रकरण एक बार फिर सुर्खियों में है। यह मामला केवल दो अधिकारियों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तय करने की कसौटी बन गया है कि
क्या व्यवस्था एक आम नागरिक की गरिमा की रक्षा करेगी, या फिर प्रशासनिक चुप्पी एक बार फिर सवालों को दबा देगी।

Was this article helpful?
YesNo

Live Cricket Info

Kanha Tiwari

छत्तीसगढ़ के जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्होंने पिछले 10 वर्षों से लोक जन-आवाज को सशक्त बनाते हुए पत्रकारिता की अगुआई की है।

Related Articles

Back to top button