CG News:– अश्लील डांस कार्यक्रम को लेकर निलंबित SDM को हाईकोर्ट से राहत, निलंबन पर लगी रोक

CG News:– गरियाबंद जिले में आयोजित ओपेरा कार्यक्रम के दौरान अश्लील डांस की अनुमति देने, स्वयं मौके पर मौजूद रहकर कार्यक्रम देखने और मोबाइल से वीडियो बनाने के आरोप में निलंबित किए गए मैनपुर एसडीएम तुलसीदास मरकाम के निलंबन आदेश पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार से जवाब भी तलब किया है। अंतरिम राहत मिलने के बाद तुलसीदास मरकाम ने पुनः एसडीएम पद का कार्यभार संभाल लिया है।
बिलासपुर। गरियाबंद जिले के देवभोग थाना क्षेत्र अंतर्गत उरमाल गांव में आयोजित ओपेरा कार्यक्रम के दौरान मंच से हुए कथित फूहड़ और अश्लील नृत्य को लेकर उठे विवाद में हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। इस कार्यक्रम को अनुमति देने और आयोजन के दौरान स्वयं उपस्थित रहकर डांस का आनंद लेने तथा वीडियो बनाने के आरोप में निलंबित किए गए मैनपुर एसडीएम तुलसीदास मरकाम के निलंबन आदेश पर हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है।
कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन की काफी किरकिरी हुई थी। इसके बाद संभाग आयुक्त द्वारा एसडीएम तुलसीदास मरकाम को निलंबित कर दिया गया था। इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए तुलसीदास मरकाम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
बताया गया कि मैनपुर एसडीएम के पद पर पदस्थ रहते हुए तुलसीदास मरकाम ने देवभोग थाना क्षेत्र के उरमाल गांव में आयोजित ओपेरा कार्यक्रम को अनुमति दी थी। इस कार्यक्रम में उड़ीसा से महिला डांसरों को बुलाया गया था। कार्यक्रम के प्रचार के लिए एक महिला डांसर ने स्वयं को “उड़ीसा की सनी लियोनी” बताते हुए वीडियो जारी किया था, जिससे पहले ही विवाद की स्थिति बन गई थी।
जिस दिन कार्यक्रम में कथित अश्लील डांस हुआ, उस दिन पुलिस बल की मौजूदगी के साथ एसडीएम तुलसीदास मरकाम भी कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थे। आरोप है कि उनके लिए अलग से बैठने की व्यवस्था की गई थी और वे मंच पर हो रहे फूहड़ नृत्य को देखते रहे, साथ ही अपने मोबाइल फोन से वीडियो भी बनाते रहे।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने इस मामले में 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। वहीं कलेक्टर द्वारा एसडीएम तुलसीदास मरकाम को पद से हटाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसके बाद प्रतिवेदन के आधार पर संभाग आयुक्त महादेव कांवरे ने उन्हें निलंबित करने का आदेश पारित किया।
निलंबन आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर याचिका में तुलसीदास मरकाम ने तर्क दिया कि बिना उनका पक्ष सुने एकतरफा कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि एसडीएम को निलंबित करने का अधिकार राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग को है, जबकि संभाग आयुक्त ने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर यह आदेश जारी किया है।
मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने तुलसीदास मरकाम को अंतरिम राहत देते हुए निलंबन आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही राज्य सरकार को 10 दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रकरण की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।
इधर, हाईकोर्ट से स्थगन आदेश मिलते ही तुलसीदास मरकाम ने मैनपुर एसडीएम के पद पर दोबारा ज्वाइनिंग दे दी है। उन्होंने इस संबंध में संभाग आयुक्त और कलेक्टर को लिखित सूचना भेजी है, जिसमें हाईकोर्ट में दायर याचिका और निलंबन पर लगी अंतरिम रोक का उल्लेख किया गया है।

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