CG SCHOOL News:– 1 जनवरी से सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति ऑनलाइन शुरू, जल्द विद्यार्थियों की भी होगी डिजिटल हाजिरी

CG SCHOOL News:– 1 जनवरी से सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति ऑनलाइन शुरू, जल्द विद्यार्थियों की भी होगी डिजिटल हाजिरी
CG SCHOOL News:– राज्य में 1 जनवरी से सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब शिक्षक व्हीएसके (विद्या समीक्षा केंद्र) सीजी स्कूल मोबाइल ऐप के माध्यम से विद्यालय में आने और जाने का समय दर्ज कर रहे हैं। इस व्यवस्था से शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जा सकेगी। विभाग की तैयारी है कि आगामी चरण में विद्यार्थियों की उपस्थिति भी ऑनलाइन दर्ज की जाए।
Raipur रायपुर।
राज्य में 1 जनवरी से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज की जा रही है। इस संबंध में विभाग द्वारा पूर्व में ही आदेश जारी किए गए थे। सभी शिक्षकों को व्हीएसके (विद्या समीक्षा केंद्र) सीजी स्कूल मोबाइल ऐप डाउनलोड कर पंजीकरण करने के निर्देश अधीनस्थ अधिकारियों को दिए गए थे, ताकि नए वर्ष की शुरुआत से ही शिक्षकों की उपस्थिति डिजिटल रूप से दर्ज हो सके।
जानकारी के अनुसार, शिक्षकों के बाद विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया पर भी काम किया जा रहा है। इस विषय को लेकर स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ को परदेसी आगामी 5 जनवरी को राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) की ऑनलाइन समीक्षा बैठक लेने वाले हैं, जिसमें यह मुद्दा प्रमुख एजेंडा में शामिल रहेगा।
शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 1 जनवरी से विद्या समीक्षा केंद्र मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन हाजिरी दर्ज की जा रही है। इसके साथ ही विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति को भी डिजिटल करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए प्रदेशभर के शिक्षकों के मोबाइल में व्हीएसके ऐप डाउनलोड कराया गया है, जिसके माध्यम से शिक्षकों को प्रतिदिन ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करनी होगी। इस प्रणाली से शिक्षकों के विद्यालय आने और जाने के समय की सटीक जानकारी उपलब्ध रहेगी।
बताया गया है कि इस व्यवस्था को पहले प्रदेश के पांच जिलों में ट्रायल के रूप में लागू किया गया था। सफल परीक्षण के बाद 1 जनवरी से इसे पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया है। इससे विभागीय अधिकारी किसी भी समय किसी भी विद्यालय में शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे।
वहीं, मोबाइल ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने को लेकर शिक्षक संगठनों द्वारा विरोध भी जताया जा रहा है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि प्रदेश के कई विद्यालयों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या है। इसके अलावा, मोबाइल में अलग-अलग ऐप डाउनलोड कराए जाने से शिक्षकों की निजता और डेटा सुरक्षा को लेकर भी चिंता है। उनका कहना है कि ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था लागू करने से पहले सरकार को शिक्षकों को सरकारी मोबाइल या टैबलेट उपलब्ध कराना चाहिए।
नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हो सकेगी:–
मोबाइल ऐप के माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज होने से विद्यालयों में अनियमितता पर नियंत्रण लगेगा। नई व्यवस्था के तहत अधिकारी किसी भी स्कूल में शिक्षकों की उपस्थिति देख सकेंगे। इससे समय पर विद्यालयों में शिक्षकों की मौजूदगी सुनिश्चित होगी और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होने की उम्मीद है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यदि कोई शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करता है, तो भविष्य में वेतन कटौती जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।
बायोमेट्रिक हाजिरी व्यवस्था फेल:–
कोरोनाकाल से पहले स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए टैबलेट आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था शुरू की थी। इसके तहत प्रत्येक विद्यालय को बायोमेट्रिक टैबलेट दिए गए थे। कुछ समय तक यह व्यवस्था चली, लेकिन बाद में यह प्रयोग असफल हो गया और अधिकांश टैबलेट विद्यालयों की अलमारियों में रख दिए गए। अब उसी के बाद मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की नई व्यवस्था शुरू की गई है।
दूरस्थ क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या:–
1 जनवरी से लागू मोबाइल ऐप आधारित उपस्थिति प्रणाली को लेकर दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों के सामने समस्या खड़ी हो सकती है। राज्य के कई ऐसे इलाके हैं, जहां मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं है। ऐसे में इन क्षेत्रों के शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति कैसे दर्ज करेंगे, इसे लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
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