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CG Teacher News:– कलेक्टर–सीईओ के फर्जी हस्ताक्षर कर भुगतान करने के आरोपी दागी बीईओ हटाए गए, डीईओ ने बनाया था प्रभारी,BEO



CG Teacher News:–  फर्जी हस्ताक्षर कर अनियमित भुगतान के मामले में नामजद और पूर्व में निलंबित रह चुके महेंद्र धर दीवान को राज्य शासन ने नवागढ़ बीईओ पद से हटा दिया है। जांजगीर-चांपा जिला में उनकी नियुक्ति को लेकर उठे विवाद के बाद शासन ने हस्तक्षेप करते हुए अशोक कुमार पाटले को नया विकासखंड शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया है।


Janjgir News : – जांजगीर। जांजगीर-चांपा जिला के नवागढ़ विकासखंड में विवादों से घिरे अधिकारी की नियुक्ति आखिरकार रद्द कर दी गई है। कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ के कथित फर्जी हस्ताक्षर कर लाखों के भुगतान प्रकरण में नाम आने वाले महेंद्र धर दीवान को राज्य शासन ने बीईओ पद से हटा दिया है।

उल्लेखनीय है कि जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर महेंद्र धर दीवान को नवागढ़ का प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) बनाया गया था। जबकि उनके खिलाफ पूर्व में गबन और फर्जीवाड़े के गंभीर आरोपों में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। शासन ने अब प्रशासनिक आधार पर उन्हें हटाते हुए उनकी जगह अशोक कुमार पाटले को नवागढ़ का नया बीईओ नियुक्त किया है।



फर्जी हस्ताक्षर कर हुआ था भुगतान

वर्ष 2016 में राजीव गांधी शिक्षा मिशन के दौरान महेंद्र धर दीवान जिला मिशन समन्वयक पद पर पदस्थ थे। आरोप है कि 2 सितंबर 2015 को ठेकेदार राजेश अग्रवाल को 2 करोड़ 30 लाख रुपए का अनियमित भुगतान किया गया। जांच में सामने आया कि तत्कालीन कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ के हस्ताक्षर नोटशीट में स्कैन कर फर्जी तरीके से भुगतान स्वीकृत किया गया।

इस मामले में प्रमोद आदित्य, विनोद कुमार शर्मा, शेख रफीक, विवेक यादव, पंकज विक्रम सहित ठेकेदार को भी आरोपी बनाया गया। अपर कलेक्टर की जांच रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली थाना जांजगीर में एफआईआर क्रमांक 519/16 दर्ज की गई। धारा 120बी, 34, 420 और 409 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू हुई थी।

बताया जाता है कि महेंद्र धर दीवान ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट से स्टे लिया था।



स्कूल विद्युतीकरण कार्य में अनियमितता

राजीव गांधी शिक्षा मिशन के तहत 501 स्कूल भवनों के विद्युतीकरण का कार्य ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग को सौंपा गया था। 349 भवनों में कार्य पूर्ण हुआ, लेकिन कई स्थानों पर गुणवत्ता संबंधी शिकायतें सामने आईं। 152 स्कूल भवनों से जुड़ी लगभग 45 लाख 60 हजार रुपए की राशि वापस भी की गई थी।

जांच में यह भी सामने आया कि कार्य निरस्त होने के बावजूद ठेकेदार ने बिल प्रस्तुत किया और विभागीय मिलीभगत से भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।



युक्तियुक्तकरण में भी हुए थे निलंबित

महेंद्र धर दीवान को जून 2025 में युक्तियुक्तकरण में अनियमितता के आरोप में निलंबित किया गया था। दो माह बाद अगस्त 2025 में बहाली के साथ उन्हें शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोसीर, विकासखंड पामगढ़ में प्राचार्य पद पर पदस्थ किया गया।

इसके बाद सात जनवरी को जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा आदेश जारी कर उन्हें नवागढ़ का बीईओ बना दिया गया था, जबकि बीईओ की नियुक्ति का अधिकार राज्य शासन को है।



अधिकारक्षेत्र से बाहर पोस्टिंग पर सवाल

बीईओ की नियुक्ति स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा की जाती है। ऐसे में डीईओ द्वारा सीधे पदस्थापना किए जाने पर प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल उठे। साथ ही डीईओ पर अन्य पदोन्नति और अटैचमेंट मामलों में भी नियमों की अनदेखी के आरोप लगे हैं।


शासन का हस्तक्षेप

राज्य शासन ने अब कार्रवाई करते हुए अशोक कुमार पाटले, प्राचार्य, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय डोंगरी, विकासखंड कटघोरा, जिला कोरबा की सेवाएं वापस लेते हुए उन्हें नवागढ़ विकासखंड शिक्षा अधिकारी पद पर पदस्थ किया है।

इस निर्णय को प्रशासनिक सख्ती और विवादित नियुक्तियों पर अंकुश की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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