
Bilaspur | बिलासपुर।
दो दिन पहले बिलासपुर के नूतन चौक के पास एक हादसा हुआ। एक युवक और युवती की जान चली गई। उसी दौरान सकरी क्षेत्र में एक अन्य हादसे में मां और बेटी की मौत हो गई।
चार जिंदगियां।
चार घरों में मातम।
और सवाल—क्या हम सड़क पर अपनी ज़िम्मेदारी निभा रहे हैं?
बिलासपुर में बीते दो दिनों में हुए सड़क हादसों ने चार परिवारों की दुनिया हमेशा के लिए बदल दी। इसी दर्द को सामने रखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने युवाओं से भावुक अपील की है—अपनी योग्यता, अपनी ज़िंदगी और अपने भविष्य को लापरवाही में मत गंवाइए।
एसएसपी रजनेश सिंह ने एक वीडियो संदेश जारी कर बताया कि दो दिन पहले नूतन चौक के पास हुए सड़क हादसे में एक युवक और युवती की मौत हो गई। वहीं सकरी क्षेत्र में हुए एक अन्य हादसे में मां और बेटी की जान चली गई।
चार मौतें।
चार घरों में सन्नाटा।
और कई सवाल—जो सड़क पर तेज रफ्तार के साथ दौड़ रहे थे।
एसएसपी ने कहा कि सड़क पर की गई एक छोटी सी गलती सिर्फ एक जान नहीं लेती, बल्कि पूरे परिवार के सपनों को कुचल देती है। माता-पिता की उम्मीदें, बच्चों का भविष्य, और घर की खुशियां—सब कुछ एक झटके में खत्म हो जाता है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा और क्षमता को सकारात्मक दिशा में लगाएं। तेज रफ्तार कुछ सेकंड की खुशी दे सकती है, लेकिन उसका अफसोस जिंदगी भर साथ चलता है।
जागरूकता से उम्मीद, युवाओं से भरोसा
एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि जिले में चल रहे सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियानों का असर दिखने लगा है और सड़क हादसों में कमी आई है। स्वयंसेवी संगठन और जागरूक नागरिक इस मुहिम में साथ खड़े हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में युवाओं को और मजबूती से जोड़ा जाएगा, ताकि कोई और मां-बाप अपने बच्चे को सड़क पर न खोए।
एसएसपी का साफ संदेश है—सड़क पर जिम्मेदारी दिखाइए, नियमों का पालन कीजिए और घर सुरक्षित लौटिए।
Live Cricket Info


