जशपुर में नए आपराधिक कानूनों पर पुलिस का जागरूकता स्टॉल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की तारीफ—एसएसपी शशि मोहन सिंह की पहल चर्चा में

जशपुर पुलिस इन दिनों आम लोगों को नए आपराधिक कानूनों की जानकारी देने के लिए खास पहल कर रही है। इसी कड़ी में ग्राम नारायणपुर में लगाए गए जागरूकता स्टॉल ने आज पूरे कार्यक्रम का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, जो जशपुर प्रवास पर थे, जैसे ही स्टॉल पर पहुँचे, वहाँ मौजूद भीड़ और पुलिस टीम का उत्साह देखते ही बन रहा था।
मुख्यमंत्री ने स्टॉल का बारीकी से निरीक्षण किया—पोस्टर, मॉडल, डिजिटल डिस्प्ले, हर चीज़ को देखा—और स्पष्ट तौर पर संतोष जताते हुए कहा कि यह पहल आम लोगों तक नए कानूनों को आसान भाषा में पहुँचाने का बेहद असरदार तरीका है।
उन्होंने सराहना करते हुए कहा,
“ऐसे प्रयास न सिर्फ लोगों को जागरूक करते हैं, बल्कि पुलिस और जनता के बीच भरोसा भी और गहरा होता है।”
स्टॉल पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने लोगों को बताया कि नए कानूनों ने आखिरकार पुराने, औपनिवेशिक दौर वाले प्रावधानों से मुक्ति दिला दी है। अब पीड़ित केंद्रित न्याय, तेज और समयबद्ध प्रक्रिया, और अपराधियों के खिलाफ सख्त दंड—ये सब इस नए ढांचे की नींव हैं।
यह स्टॉल भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम पर आधारित है। पुलिस टीम लगातार लोगों को समझा रही थी कि आधुनिक तकनीकी साक्ष्य—जैसे फिंगरप्रिंट, डीएनए टेस्ट, वॉइस सैंपल—अब न्याय प्रक्रिया का अनिवार्य हिस्सा बन चुके हैं। इससे जांच पहले की तुलना में ज्यादा तेज, ज्यादा वैज्ञानिक और कहीं अधिक निष्पक्ष हो गई है।
संदेश साफ है—नया कानून “सिर्फ सजा देने” के लिए नहीं, बल्कि “सही मायने में न्याय सुनिश्चित करने” के लिए बना है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मौके पर बताया कि स्टॉल देखने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने कहा—
“हमने कोशिश की है कि हर बदलाव को सरल और रोचक तरीके से आम लोगों तक पहुँचाया जाए। पोस्टर से लेकर डिजिटल मॉडल तक—सबका मकसद एक ही है कि जनता कानून को समझे और उससे जुड़ाव महसूस करे।”
स्टॉल पर नए कानूनों की जानकारी के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर सहायतार्थ विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है, ताकि नागरिक सहायता सेवाएँ तुरंत और आसानी से उपलब्ध हो सकें।
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