अच्छी ख़बरजरूरी खबर

बिलासपुर जिला अंतर्गत: महुदा पंचायत में पुराने वीडियो का विवाद गहराया पंच पर सरपंच-उपसरपंच को फंसाने का आरोप

बिलासपुर जिला अंतर्गत: महुदा पंचायत में पुराने वीडियो का विवाद गहराया पंच पर सरपंच-उपसरपंच को फंसाने का आरोप

बिलासपुर जिला अंतर्गत: महुदा पंचायत में पुराने वीडियो का विवाद गहराया पंच पर सरपंच-उपसरपंच को फंसाने का आरोप

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

बिलासपुर जिले की महुदा ग्राम पंचायत इस समय एक नए विवाद की चपेट में है जहां वार्ड नंबर 15 के पंच बलराम पर सरपंच और उपसरपंच को अवैध उत्खनन के झूठे आरोपों में फंसाने के लिए एक पुराने वीडियो का इस्तेमाल करने का सनसनीखेज आरोप लगा है. मौके पर पहुंची मीडिया के सामने पंच बलराम ने जो वीडियो साक्ष्य के तौर पर पेश किया, ग्रामीणों और स्थानीय जनता का कहना है कि वह दो माह पुराना है यह आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला गांव में तनाव पैदा कर रहा है

विवाद की जड़: पंच बलराम द्वारा ‘पुराने वीडियो’ से गुमराह करने का आरोपजा जा नकारी के अनुसार, पंच बलराम ने एक कथित पुराने वीडियो को आधार बनाकर ग्राम पंचायत के प्रमुखों – सरपंच और उपसरपंच – पर अवैध उत्खनन में संलिप्तता के गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने मीडिया के सामने यही वीडियो प्रस्तुत करते हुए इसे अपने आरोपों का पुख्ता प्रमाण बताया हालांकि ग्राम पंचायत के पदाधिकारियों और कई स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह वीडियो पुराना है और इसका मौजूदा स्थिति या लगाए गए आरोपों से कोई सीधा संबंध नहीं है

उनका आरोप है कि पंच बलराम जानबूझकर मीडिया और पंचायत पदाधिकारियों को गुमराह कर रहे हैं, ताकि सरपंच और उपसरपंच को गलत तरीके से फंसाया जा सके.आम जनता और ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि पंच बलराम द्वारा दिखाया गया वीडियो दो महीने पहले का है

पंच बलराम का ‘शिकायतकर्ता’ इतिहास: गुमराह करने की पुरानी आदत स्थानीय लोगों के बीच पंच बलराम की छवि एक ऐसे व्यक्ति की है जो अक्सर शिकायतें करने और विवादों में घिरे रहने के लिए जाने जाते हैं पूर्व में भी उन पर कई तरह के आरोप लग चुके हैं

सोसाइटी में चावल से जुड़े मामले: बताया जा रहा है कि पंच बलराम पहले सोसाइटी से संबंधित चावल वितरण जैसे मामलों में भी विवादों में रहे हैं

  Bilaspur News:– प्रेस क्लब अध्यक्ष अजीत मिश्रा का रतनपुर में आतिशी स्वागत, महामाया दर्शन को पहुंचे

अवैध उत्खनन के पूर्व मुद्दे: यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने अवैध उत्खनन का मुद्दा उठाया हो. पहले भी वे इस मामले को लेकर शिकायतें कर चुके हैं

मीडिया को गुमराह करने का आरोप: उन पर यह भी आरोप है कि वे अपनी शिकायतों को उजागर करने के लिए मीडिया को गलत जानकारी देकर गुमराह करते रहे हैं

अब एक बार फिर, इस कथित पुराने वीडियो के सहारे उन्होंने नए सिरे से आरोपों की झड़ी लगा दी है, जिससे गांव में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है और ग्रामीणों के बीच तनाव है

निष्पक्ष जांच की मांग और भविष्य की राह अवैअ धउत्खनन अपने आप में एक गंभीर आपराधिक कृत्य है, लेकिन यदि आरोप निराधार हों, और वह भी पुराने वीडियो के माध्यम से, तो इससे निर्दोष व्यक्तियों की प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति पहुँचती है और ग्रामीण सद्भाव बिगड़ता है. ऐसे में, इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच अत्यंत आवश्यक हो जाती है

स्थानीय प्रशासन से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे पंच बलराम द्वारा लगाए गए इन आरोपों की गंभीरता से पड़ताल करें यह जानना जरूरी है कि क्या उनके पास अपने दावों को साबित करने के लिए नए और पुख्ता सबूत हैं या फिर यह केवल पुराने विवादों या व्यक्तिगत वैमनस्य का परिणाम है, जिसमें मीडिया को भी गुमराह करने का प्रयास किया गया है

प्रशासन की जांच से ही सच सामने आ सकेगा और भविष्य में ऐसी भ्रामक शिकायतों पर लगाम लगाई जा सकेगी, जिससे ग्राम पंचायत में शांति और व्यवस्था बनी रहे. यह घटना दर्शाती है कि कई बार सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ आरोप लगाने के पीछे व्यक्तिगत एजेंडा भी हो सकता है, जिसे पहचानना और उसका समाधान करना बेहद महत्वपूर्ण है

Was this article helpful?
YesNo

Live Cricket Info

SURENDRA MISHRA

एक समर्पित पत्रकार के रूप में वे जनता तक सच्ची और निष्पक्ष खबर पहुँचाने के लिए लगातार जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग करते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button