हिस्ट्रीशीटर मैडी गैंग पर कोर्ट का फैसला: 13 आरोपियों को 7 साल की सजा

हिस्ट्रीशीटर मैडी गैंग पर कोर्ट का फैसला: 13 आरोपियों को 7 साल की सजा
बिलासपुर। शहर में युवक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। हिस्ट्रीशीटर रितेश निखारे उर्फ मैडी समेत 13 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सात साल के कारावास और दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। फैसला सुनते ही सभी दोषियों को जेल भेज दिया गया।

मामला 6 मई 2023 की रात का है, जब चकरभाठा निवासी भास्कर वर्मा टेलीफोन एक्सचेंज रोड स्थित एक होटल से बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान मैडी और उसके साथियों ने उन पर अचानक हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल भास्कर को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना की सूचना मिलते ही छत्तीसगढ़ पुलिस की तारबाहर थाना टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शुरुआती कार्रवाई में कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि मुख्य आरोपी मैडी अपने साथियों के साथ फरार हो गया था।
चार दिन फार्म हाउस में छिपा रहा मुख्य आरोपी
पुलिस जांच में पता चला कि हमले के बाद मैडी अपने साथियों के साथ मुंगेली जिले के एक फार्म हाउस में छिपा हुआ था। सूचना मिलने पर पुलिस ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया और सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया।
सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर में हलचल
मामले की सुनवाई के बाद जैसे ही सजा सुनाई गई, न्यायालय परिसर में आरोपियों के समर्थकों की भीड़ लग गई, जिससे कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
सजा पाने वाले आरोपी
न्यायालय ने सिद्धार्थ शर्मा उर्फ छोटू, फरीद अहमद उर्फ सोनू खान, आयुष मराठा उर्फ बाबू, एम वरुण, निकेत शर्मा उर्फ प्रिंस, काव्य गढ़ेवाल, रुपेश दुबे, आदित्य प्रकाश उर्फ आदि दुबे, सोनू माली उर्फ आशीष, मोहम्मद साबिर उर्फ रानू, विकास वैष्णव उर्फ बाबा, विराज सिंह ध्रुव उर्फ गोलू और रितेश निखारे उर्फ मैडी को दोषी ठहराया।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Live Cricket Info




