
Bilaspur Teacher News:–
नए बने स्कूल भवन से कीमती सामग्री उखाड़कर ले जाने के प्रकरण में जांच के बाद कार्रवाई की गई है। डीपीआई और कलेक्टर बिलासपुर के निर्देश पर कराई गई जांच में संलिप्तता सामने आने के बाद तत्कालीन सरपंच पति और स्कूल की महिला प्राचार्या के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से की गई है। शिकायत के साथ 74 पृष्ठों के दस्तावेज संलग्न किए गए थे।
Bilaspur बिलासपुर।
बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड अंतर्गत बेलतरा स्थित शासकीय हाई स्कूल के नव निर्मित भवन से महंगी सामग्री निकालने के मामले में पुलिस ने पूर्व सरपंच पति और स्कूल की तत्कालीन महिला प्राचार्या को आरोपी बनाया है। जिला शिक्षा अधिकारी की शिकायत एवं जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना रतनपुर में अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। यह मामला रतनपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा प्रस्तुत आवेदन के अनुसार, 28 जुलाई 2025 को शासकीय हाई स्कूल बेलतरा के नए भवन से दरवाजे, खिड़कियां, लोहे की ग्रील, रोशनदान, चैनल गेट, फर्श के पत्थर सहित अन्य सामग्री को बिना किसी शासकीय अनुमति और सूचना के उखाड़कर बाहर ले जाया गया। इस दौरान स्कूल भवन को भी नुकसान पहुंचाया गया। जांच में निकाली गई सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 87 हजार रुपये आंकी गई है। यह भी पाया गया कि उक्त सामग्री का उपयोग अन्य स्थान पर किया गया, जिससे शासकीय संपत्ति को सीधा नुकसान हुआ।
जांच के दौरान पूर्व बेलतरा सरपंच पति रामरतन कौशिक तथा शासकीय हाई स्कूल की तत्कालीन महिला प्राचार्या कावेरी यादव की भूमिका उजागर हुई। जांच रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि दोनों ने आपसी सहमति से शासकीय संपत्ति को क्षति पहुंचाई।
इन तथ्यों के आधार पर थाना रतनपुर में आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 427 व 34 भारतीय दंड संहिता तथा लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से पुलिस को दिए गए आवेदन में यह भी बताया गया है कि समाचार पत्रों और विभागीय प्रतिवेदनों के माध्यम से इस अनियमितता की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद कराई गई प्रारंभिक जांच में शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला स्पष्ट हुआ।
चूंकि यह मामला सीधे सरकारी संपत्ति से जुड़ा हुआ पाया गया, इसलिए विधिसम्मत पुलिस कार्रवाई आवश्यक मानी गई। इसी क्रम में विस्तृत जांच रिपोर्ट के साथ थाना प्रभारी रतनपुर को प्राथमिकी दर्ज करने हेतु आवेदन भेजा गया था।
इस प्रकरण में लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर, कलेक्टर बिलासपुर के टीएल आदेश तथा रतनपुर के कार्यकारी प्राचार्य की जांच रिपोर्ट का भी हवाला दिया गया है। शिकायत के साथ कुल 74 पृष्ठों के दस्तावेज संलग्न किए गए थे। उल्लेखनीय है कि इसी मामले में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा महिला प्राचार्या कावेरी यादव को निलंबित करने का प्रस्ताव भेजा गया था, जिस पर कार्रवाई करते हुए डीपीआई ने उन्हें निलंबित कर दिया था।
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