नशा, साइबर अपराध और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने ग्राम कोटवारों को निर्देश

बिलासपुर। पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह के मार्गदर्शन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मधुलिका सिंह एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओपी) श्रीमती नूपुर उपाध्याय के निर्देशन में कोटा सबडिवीजन अंतर्गत दिनांक 7 फरवरी 2026 को ग्राम कोटवार सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का उद्देश्य ग्राम स्तर पर पुलिस बीट प्रणाली को सशक्त बनाना तथा अपराध नियंत्रण में ग्राम कोटवारों की भूमिका को और अधिक प्रभावी करना रहा।

सम्मेलन में थाना रतनपुर, कोटा एवं बेलगहना क्षेत्र के लगभग 60 से 70 ग्राम कोटवार उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मधुलिका सिंह एवं एसडीओपी श्रीमती नूपुर उपाध्याय द्वारा ग्राम कोटवारों को संबोधित किया गया और उन्हें कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उनकी अहम जिम्मेदारियों से अवगत कराया गया।

पुलिस अधिकारियों द्वारा थाना क्षेत्रों में बढ़ते अपराधों पर नियंत्रण, नशा उन्मूलन अभियान, साइबर अपराधों के प्रति जन-जागरूकता, गांवों में बाहरी व संदिग्ध व्यक्तियों, आवारा एवं घुमक्कड़ गिरोहों तथा डेरा डालकर रहने वालों की जानकारी समय पर पुलिस को उपलब्ध कराने के संबंध में विस्तार से समझाइश दी गई। इसके साथ ही सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम में ग्राम कोटवारों की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।

सम्मेलन में ग्राम कोटवारों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने गांवों में अपरिचित व्यक्तियों, संदिग्ध वाहनों एवं असामान्य गतिविधियों पर सतत निगरानी रखें और किसी भी प्रकार की सूचना तत्काल स्थानीय थाना अथवा बीट प्रभारी को दें। इससे समय रहते अपराधों पर नियंत्रण संभव हो सकेगा।

अधिकारियों ने ग्राम कोटवारों को पुलिस बीट प्रणाली के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि ग्राम स्तर पर पुलिस की मजबूत पकड़ तभी संभव है जब कोटवार और बीट पुलिस के बीच नियमित संवाद और समन्वय बना रहे। ग्राम कोटवारों को समय-समय पर बीट प्रभारी से संपर्क बनाए रखने, बैठकों में भाग लेने तथा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियानों में सक्रिय सहयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
सम्मेलन के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि ग्राम कोटवार पुलिस और आम जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जिनकी सतर्कता और सक्रिय सहभागिता से गांवों में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सकता है।

अंत में अधिकारियों ने सभी ग्राम कोटवारों से अपील की कि वे अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए पुलिस प्रशासन को हरसंभव सहयोग प्रदान करें, ताकि ग्राम स्तर पर अपराधों की रोकथाम कर सुरक्षित समाज की स्थापना की जा सके।

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