कोटा में कोटेश्वर महोत्सव पर अव्यवस्था के आरोप
कोटेश्वर महादेव मंदिर मेले में व्यवस्थाएं फेल, नगर पालिका पर उठे सवाल

कोटेश्वर महोत्सव में अव्यवस्था पर घिरी नगर पालिका: व्यवस्था के दावों पर उठे गंभीर सवाल
कोटा। कोटेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित कोटेश्वर महोत्सव अब व्यवस्थागत खामियों और कथित वसूली के आरोपों के कारण विवादों में घिरता नजर आ रहा है। भव्य आयोजन के दावों के बीच जमीनी हकीकत ने प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोल दी है, जिससे सीधे तौर पर नगर पालिका परिषद कोटा की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

रविवार को मेला स्थल तक जाने वाले मार्गों पर घंटों लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा। पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था और स्पष्ट ट्रैफिक प्लान के अभाव में श्रद्धालुओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि नगर पालिका ने पहले से टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली थी, तो मैदान में व्यवस्था क्यों नजर नहीं आई।
टेंडर जारी, लेकिन व्यवस्था गायब

मोटरसाइकिल और चारपहिया पार्किंग का ठेका होने के बावजूद वाहन सड़क किनारे खड़े दिखाई दिए। इससे साफ संकेत मिलता है कि निगरानी और क्रियान्वयन दोनों स्तर पर लापरवाही हुई। सवाल यह उठ रहा है कि क्या नगर पालिका ने केवल कागजी औपचारिकता पूरी की या वास्तव में व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया?
डबल वसूली के आरोप से बढ़ा विवाद

मेला में आए दुकानदारों और झूला संचालकों ने आरोप लगाया है कि उनसे नगर पालिका के कर्मचारियों द्वारा शुल्क लिया गया, वहीं दूसरी ओर जमीन मालिकों द्वारा भी अलग से राशि वसूली गई। छोटे व्यापारियों का कहना है कि स्पष्ट नियमों के अभाव में वे असमंजस की स्थिति में रहे और मजबूरी में भुगतान करना पड़ा।
सूत्रों के अनुसार, यदि यह आरोप सही हैं तो यह न केवल प्रशासनिक समन्वय की कमी बल्कि राजस्व प्रक्रिया पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
जवाबदेही तय करने की मांग
शहर में अब यह चर्चा तेज है कि इतने बड़े आयोजन में मूलभूत व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना नगर पालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी थी। भीड़ प्रबंधन, पार्किंग नियंत्रण और व्यापारिक व्यवस्था को लेकर ठोस मॉनिटरिंग नजर नहीं आई। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो भविष्य में ऐसे आयोजनों की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।
फिलहाल आमजन यह जानना चाहते हैं कि अव्यवस्था और वसूली के आरोपों पर नगर पालिका और जनप्रतिनिधि क्या जवाब देंगे, और क्या अगले वर्ष यह महोत्सव बेहतर व्यवस्थाओं के साथ आयोजित हो पाएगा या नहीं।

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