
बिलासपुर, 08 जनवरी 2026: चेतना विरुद्ध नशा मुक्ति अभियान के तहत एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया, जो समाज में नशे के खिलाफ और समाज के हर वर्ग को इसके नुकसान के बारे में बताने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम शासकीय कन्या उ. मा. विद्यालय बेलगहना और स्वामी आत्मानंद हायर सेकेंडरी स्कूल बेलगहना के छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित किया गया, जिनकी उपस्थिति में रैली का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का आयोजन माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, कोटा, श्रीमती दीप्ति बरवा की अध्यक्षता में हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत शासकीय कन्या उ. मा. विद्यालय बेलगहना और स्वामी आत्मानंद हायर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा नशा मुक्ति और जागरूकता की शपथ लेने से की गई। इसके बाद, ग्राम बेलगहना में एक बड़ी रैली निकाली गई, जो पूरे गांव में भ्रमण करती हुई नशे के खिलाफ चेतना फैलाने का कार्य कर रही थी। इस रैली में विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ-साथ कई ग्रामवासी भी शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था लोगों को नशे के भंवर से बाहर निकालना और उन्हें इसके खतरों से अवगत कराना। नशा हमारे समाज में किस तरह के नुकसान और समस्याएं उत्पन्न करता है, इस पर भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में नशे के साथ-साथ साइबर अपराधों और नागरिकों के नए कानूनी अधिकारों के बारे में भी जागरूकता फैलाई गई। पुलिस विभाग ने भी इसमें अपनी भूमिका निभाई और लोगों को साइबर अपराधों से बचने के उपायों के बारे में बताया। इस पहल के तहत ग्रामवासियों को यह समझाया गया कि समाज में बढ़ते हुए साइबर अपराधों से कैसे बचा जा सकता है और किस तरह से कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है।
कार्यक्रम में शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य सुश्री कल्पना कुर्रे, व्याख्याता संगीता दास, सावित्री कुर्रे, कृष्ण कुमार, अश्वनी तिवारी और स्वामी आत्मानंद शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य नागेंद्र कौशिक, अरुण दिवाकर, पुष्पेंद्र करियम, श्याम सुंदर तिवारी, बी. एस. राज, शुभ्रा बाजपेई, मालती कश्यप आदि शिक्षकों और विद्यालय स्टाफ की महत्वपूर्ण उपस्थिति रही। इन शिक्षकों ने अपने विद्यार्थियों को नशे के बारे में गहराई से बताया और उन्हें जीवन के सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।
इसके अलावा, इस कार्यक्रम में पुलिस विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिनमें ASI मोतीलाल सूर्यवंशी, HC नरेंद्र पात्रे, आरक्षक ईश्वर नेताम, धीरज जायसवाल, अंकित जायसवाल, और कौशल बिंझवार शामिल थे। इन अधिकारियों ने विद्यार्थियों को नशे के खतरों के बारे में बताया और उन्हें जागरूक करने के लिए कई उपाय सुझाए।
उसी दिन, शासकीय प्राथमिक शाला फुलवारी पारा बहेरामुंडा के छात्र-छात्राएं शैक्षणिक भ्रमण हेतु पुलिस चौकी बेलगहना पहुंचे। इस भ्रमण का उद्देश्य छात्रों को पुलिस कार्यप्रणाली, कानून का महत्व और उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी देना था। भ्रमण के दौरान, चौकी प्रभारी हेमंत सिंह ने देखा कि छात्र-छात्राओं के पैर नंगे थे। उन्होंने तुरंत इस स्थिति को देखा और सभी बच्चों को चप्पल का वितरण किया। इस कार्य से बच्चों को न सिर्फ शैक्षणिक ज्ञान मिला, बल्कि उन्हें समाज में एकजुटता और सहानुभूति का अहसास भी हुआ।
इस कार्यक्रम ने समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और पुलिस विभाग के कार्यों के प्रति बच्चों और ग्रामीणों में समझ बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। यह आयोजन न केवल एक जागरूकता अभियान था, बल्कि एक सामाजिक संदेश भी था कि हमें अपनी आने वाली पीढ़ी को सही दिशा में मार्गदर्शन देना चाहिए, ताकि वे नशे से बचकर एक स्वस्थ और सकारात्मक जीवन जी सकें।
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