वार्ड 11 में जनप्रतिनिधि की चुप्पी से लोग त्रस्त, खुली नाली बनी बीमारी का घर – स्लैब लगाने की मांग महीनों से लंबित, वार्डवासियों में बढ़ता आक्रोश।

बिलासपुर – नगर पालिका कोटा के वार्ड क्रमांक 11 में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर स्थानीय नागरिकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। चंडी माता गली एवं दहाईत पारा क्षेत्र में नाली पर स्लैब (ढक्कन) नहीं होने से आमजन को गंभीर असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। खुली नाली के कारण दुर्गंध फैल रही है, जिससे आसपास के घरों में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार संबंधित नाली वार्ड पार्षद के निवास से लगभग 20 मीटर की दूरी पर स्थित है, इसके बावजूद समस्या का निराकरण लंबे समय से नहीं हो सका है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि कई बार मौखिक रूप से शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। परिणामस्वरूप गली में रहने वाले बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को रोजमर्रा की आवाजाही में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

वार्डवासियों ने बताया कि पूर्व में नाली की सुरक्षा के लिए जाली लगाई गई थी, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका कम रहती थी। हालांकि कुछ समय पहले वह जाली हटा दी गई, जिसके बाद स्थिति और अधिक गंभीर हो गई। खुली नाली में गंदगी जमा होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी उत्पन्न हो गया है।
नागरिकों का आरोप है कि वार्ड के जनप्रतिनिधि क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दे रहे हैं। उनका कहना है कि सोशल मीडिया और अन्य कार्यक्रमों में सक्रियता दिखाने के बजाय स्थानीय समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। क्षेत्रवासियों का मानना है कि यदि समय रहते नाली पर स्लैब लगाकर उचित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कर दी जाए, तो समस्या का स्थायी समाधान संभव है।
वर्तमान में वार्डवासियों की निगाहें नगर पालिका प्रशासन और संबंधित अधिकारियों पर टिकी हुई हैं। लोगों ने मांग की है कि तत्काल निरीक्षण कर नाली पर पक्का स्लैब लगाया जाए तथा नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेता है और प्रभावित नागरिकों को कब तक राहत प्रदान की जाती है।

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