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रायपुर दो माह से वेतन न मिलने और बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली अटकी एनएचएम कर्मचारियों में आक्रोश

रायपुर: 27 नवंबर 2025 छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के 16,000 से अधिक संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का दो माह से वेतन नहीं मिलने के कारण राज्यभर में गहरी निराशा और आक्रोश की लहर फैल गई है। वेतन न मिलने से कर्मचारियों को गंभीर सामाजिक-आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा, किराया और बैंक किस्तों के भुगतान में भी कठिनाई हो रही है, जिससे मानसिक तनाव और असंतोष बढ़ता जा रहा है।

आंदोलन समाप्ति के बाद बनी सहमति, फिर भी बहाली अटकी

हाल ही में एनएचएम कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ आंदोलन किया था, लेकिन मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद यह आंदोलन समाप्त कर दिया गया था। आंदोलन के दौरान बर्खास्त कर्मचारियों की नि:शर्त बहाली का आश्वासन दिया गया था। इस पर सहमति भी बनी थी कि कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे का समाधान निकाला जाएगा, लेकिन अब तक बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली का आदेश जारी नहीं किया गया है।

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हालांकि तीन कैबिनेट बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन कर्मचारियों की बहाली पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है, जिससे कर्मचारियों में गहरी निराशा और आक्रोश की भावना पैदा हो गई है।

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कर्मचारियों की प्रमुख माँगें
  • दो माह से लंबित वेतन का तत्काल भुगतान।
  • आंदोलन के दौरान सेवा से पृथक किए गए सभी कर्मचारियों की तत्काल बहाली।

संघ के प्रदेश प्रवक्ता पुरन दास ने बताया कि राज्यभर के एनएचएम स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंप रहे हैं और शासन को अपनी समस्याओं से अवगत करा रहे हैं।

कर्मचारियों का कहना है कि आंदोलन सरकार से सकारात्मक चर्चा और विश्वास के साथ समाप्त किया गया था, लेकिन आश्वासन पूरा न होना अत्यंत खेदजनक है। एनएचएम कर्मचारियों का यह आक्रोश अब लगातार बढ़ रहा है, और अगर जल्द समाधान नहीं मिला, तो आंदोलन की संभावना जताई जा रही है।

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Kanha Tiwari

छत्तीसगढ़ के जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्होंने पिछले 10 वर्षों से लोक जन-आवाज को सशक्त बनाते हुए पत्रकारिता की अगुआई की है।

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