छत्तीसगढ़जांजगीर-चांपादेश - विदेशराज्य एवं शहरशिक्षा

सरकारी स्कूल का सच : किताबों की जगह बाल्टियां! स्कूल में बच्चों से पानी ढुलवाने का वीडियो वायरल

जांजगीरचांपा। अकलतरा ब्लॉक के भैसतरा सबरिया डेरा स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला से सामने आया एक वीडियो शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। स्कूल में पढ़ने पहुंचे बच्चों के हाथों में कॉपीकिताब नहीं, बल्कि पानी से भरी बाल्टियां नजर रही हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

पढ़ाई के समय बच्चों से पानी भरवाया गया

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

वायरल वीडियो में छात्रछात्राएं कतार में पानी के डिब्बे और बाल्टियां उठाए दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि विद्यालय परिसर में पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बच्चों से ही पानी लाने को कहा गया। सवाल यह है कि क्या किसी भी स्थिति में स्कूल प्रबंधन बच्चों से श्रम कराकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर सकता है?

बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन?

ग्रामीणों और अभिभावकों ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि स्कूल प्रशासन का दायित्व है कि विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए। पढ़ाई के समय बच्चों से पानी भरवाना शिक्षा के अधिकार की भावना के विपरीत है और यह बच्चों के अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।

  CM साय ने राज्यपाल डेका से की मुलाक़ात

प्राचार्य की भूमिका पर गंभीर प्रश्न

मामले में विद्यालय के प्राचार्य की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि स्कूल में पानी की समस्या थी, तो उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना देकर वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई? बच्चों को ही जिम्मेदारी सौंप देना प्रशासनिक लापरवाही और संवेदनहीनता माना जा रहा है।

शिक्षा विभाग की निगरानी पर सवाल

घटना सामने आने के बाद पूरे जिले में शिक्षा विभाग की मॉनिटरिंग व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है। क्या नियमित निरीक्षण सिर्फ कागजों तक सीमित हैं? यदि समय पर निगरानी होती, तो क्या ऐसी तस्वीर सामने आती?

फिलहाल विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब देखना यह है कि संबंधित प्राचार्य और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है, या फिर मामला जांच और आश्वासन तक ही सीमित रह जाएगा।

Was this article helpful?
YesNo

Live Cricket Info

Kanha Tiwari

छत्तीसगढ़ के जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्होंने पिछले 10 वर्षों से लोक जन-आवाज को सशक्त बनाते हुए पत्रकारिता की अगुआई की है।

Related Articles

Back to top button