Surajpur News:– नहीं थम रहा इंसान–हाथी संघर्ष, फसल की रखवाली कर रहे दंपत्ति को हाथियों ने कुचलकर मार डाला

Surajpur News:– हाथियों की मौजूदगी और उनके हमलों से जुड़ी खबरें लगातार सामने आ रही हैं। धान की फसल की रखवाली के लिए खेत पर रात बिता रहे किसान दंपत्ति पर हाथियों के एक झुंड ने अचानक हमला कर दिया और दोनों को कुचलकर उनकी जान ले ली। वहीं वन विभाग की टीम सुबह से ही हाथियों की मूवमेंट ट्रैक करने में जुटी है।
Surajpur सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में इंसान–हाथी के बीच टकराव थमने का नाम ही नहीं ले रहा। कभी गांव में घुसते हाथी, तो कभी खेतों में सोते किसानों पर हमला—लगातार घटनाओं ने ग्रामीणों के बीच डर और तनाव को बढ़ा दिया है। इसी कड़ी में भटगांव थाना क्षेत्र में बीती रात एक और दिल दहला देने वाली घटना हुई, जिसमें फसल की देखभाल कर रहे दंपत्ति की जान हाथियों ने ले ली।
भटगांव थाना क्षेत्र के कपसरा स्थित पोड़ी गांव में शुक्रवार–शनिवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे यह हमला हुआ। धान की फसल की रखवाली के लिए खलिहान में सो रहे कबिलाश रजवाड़े और उनकी पत्नी धनियारो पर हाथियों का दल अचानक टूट पड़ा। इससे पहले कि वे कुछ समझ पाते, हाथियों ने दोनों को पटक–पटककर और रौंदकर उनकी जान ले ली।
ग्रामीणों ने बताया कि बीती रात खेतों की तरफ अचानक शोर सुनाई दिया, लेकिन हाथियों की मौजूदगी का अंदाजा किसी को नहीं हुआ। सुबह जब लोग बाहर निकले तो खलिहान में दंपत्ति के क्षत–विक्षत शव देख गांव में मातम फैल गया। सूचना पर वन विभाग की टीम पहुंची, लेकिन तब तक हाथी गांव से काफी दूर निकल चुके थे। हाथियों का लोकेशन पता लगाने के लिए वन विभाग ड्रोन और फील्ड टीम की मदद से खोजबीन कर रहा है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और विभाग ने मुआवजा प्रक्रिया शुरू कर दी है।
एक हफ्ते में दूसरी मौत—ग्रामीणों की चिंता बढ़ी
यह घटना कुछ ही दिनों में हाथियों के हमले की दूसरी बड़ी वारदात है। 22 नवंबर को रामकोला वन परिक्षेत्र में उपसरपंच मोहम्मद सैफुद्दीन की भी हाथियों के हमले में मौत हो गई थी। वे अपने तीन साथियों के साथ भटकी हुई गाय की तलाश और जड़ी–बूटी खोजने जंगल गए थे। लौटते वक्त अचानक हाथियों का झुंड सामने आ गया। तीन साथी किसी तरह भागकर जान बचाने में सफल रहे, लेकिन सैफुद्दीन को हाथियों ने अपनी चपेट में ले लिया।
लगातार बढ़ती घटनाओं से गांव के लोग डरे हुए हैं। हाथियों का जंगल छोड़कर गांवों में घुसना और इंसानों पर हमला करना वन विभाग के लिए भी बड़ी चुनौती बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि फसल सीजन में हाथियों की गतिविधि और बढ़ जाती है, ऐसे में उन्हें सुरक्षा देने के लिए ज्यादा प्रभावी इंतजाम की जरूरत है।
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