बसंत पंचमी पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, सिद्धबाबा आश्रम में भव्य मेले का आयोजन

बिलासपुर – बेलगहना।बसंत पंचमी के पावन पर्व पर 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को ग्राम बेलगहना स्थित श्री सिद्धबाबा आश्रम में आयोजित बसंतोत्सव पर्व के अंतर्गत भव्य धार्मिक मेले का आयोजन किया गया। यह मेला 72वें वार्षिक बसंतोत्सव का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा, जिसमें आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों सहित दूर-दराज़ से हजारों श्रद्धालु शामिल हुए।

प्रातःकाल से ही आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर विधिवत पूजा-अर्चना, हवन-यज्ञ एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इस दौरान विद्यारंभ संस्कार एवं बालकों का उपनयन संस्कार विशेष रूप से संपन्न कराया गया, जिसे लेकर अभिभावकों में विशेष उत्साह देखा गया। मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन विद्या आरंभ करने से बच्चों में ज्ञान और संस्कारों का विकास होता है।
मेले के दौरान श्रद्धालुओं ने श्री सिद्धबाबा मंदिर, श्री राम-हनुमान मंदिर, श्री राधा-कृष्ण मंदिर, श्री दत्तात्रेय मंदिर, श्री सूर्यदेव मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों में दर्शन-पूजन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे आश्रम परिसर में रामचरितमानस पाठ, भजन-कीर्तन एवं धार्मिक प्रवचनों का आयोजन किया गया, जिससे वातावरण भक्तिमय बना रहा।


मेले में बच्चों और ग्रामीणों के मनोरंजन हेतु विभिन्न प्रकार की अस्थायी दुकानें, खिलौने, पूजा सामग्री, प्रसाद एवं घरेलू उपयोग की वस्तुओं की दुकानों ने विशेष आकर्षण पैदा किया। ग्रामीण संस्कृति की झलक मेले में स्पष्ट रूप से देखने को मिली। वहीं, महिलाओं एवं युवाओं की भी मेले में उल्लेखनीय सहभागिता रही।
आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु पेयजल, प्रसाद वितरण, बैठने की व्यवस्था एवं सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे। समिति के स्वयंसेवकों ने पूरे दिन सेवा भाव से व्यवस्थाओं को संभाले रखा। प्रशासनिक सहयोग से यातायात एवं शांति व्यवस्था भी सुचारू रही।

आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि बसंतोत्सव मेला वर्षों से परंपरागत रूप से आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य धार्मिक आस्था को मजबूत करने के साथ-साथ सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को जीवंत बनाए रखना है। मेले के सफल आयोजन पर श्रद्धालुओं एवं ग्रामवासियों ने आयोजन समिति की सराहना की। बसंत पंचमी के इस पावन अवसर पर आयोजित मेले ने न केवल धार्मिक आस्था को बल दिया, बल्कि ग्रामीण समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य भी किया।

श्री महात्मा शिवानंद जी महराज ने बताया की बसंत महाउत्सव केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, श्रद्धा और चेतना का संगम है। बसंत ऋतु प्रकृति में नवजीवन का संचार करती है और मानव जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। इस पावन अवसर पर आयोजित धार्मिक अनुष्ठान और मेले से समाज में प्रेम, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का विस्तार होता है। ऐसे आयोजनों से हमारी परंपरा और संस्कार पीढ़ी दर पीढ़ी जीवित रहते हैं। मैं सभी श्रद्धालुओं से आग्रह करता हूँ कि वे धर्म, सेवा और सद्भाव के मार्ग पर चलें और समाज को एक नई दिशा दें।

मेले के आयोजन में पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों का विशेष सहयोग है। पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा गया,है जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरे समय सतर्क रही और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई। अन्य विभागों के सहयोग से स्वच्छता, पेयजल एवं आवश्यक सुविधाओं का बेहतर प्रबंधन किया गया, जिससे मेला शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।


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