CG News:- भाजपा पार्षदों का आतंक: शराब के नशे में नगर पालिका दफ्तर में उत्पात, आग लगाने की धमकी देकर उठा ले गए सरकारी फाइलें एफआईआर के लिए सीएमओ ने दी शिकायत

CG News:- नगर पालिका परिषद में सत्ता और जिम्मेदारी के बीच की दूरी एक बार फिर उजागर होती नजर आई। आरोप है कि सत्तारूढ़ दल के दो पार्षद शराब के नशे में कार्यालय पहुंचे, कर्मचारियों से अभद्रता की, दफ्तर को आग लगाने की धमकी दी और सरकारी फाइलें अपने साथ ले गए। इस घटना से कार्यालय में अफरा–तफरी और भय का माहौल बन गया।मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ने सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कर एफआईआर की मांग की है।
Janjgir-Champa की जांजगीर–नैला नगर पालिका परिषद में कथित रूप से सत्ताधारी पार्टी के भाजपा पार्षदों के द्वारा किए गए हंगामे ने प्रशासनिक मर्यादा और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि शराब के नशे में पहुंचे पार्षदों ने कर्मचारियों से अभद्रता की, कार्यालय को आग लगाने की धमकी दी और सरकारी फाइलें अपने साथ ले गए, जिससे कार्यालय में अफरा–तफरी और भय का माहौल बन गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कर एफआईआर की मांग की है। पुलिस जांच जारी है, और अब सबकी नजर इस बात पर है कि कानून का राज कायम होता है या सत्ता का असर हावी रहता है।

नशे की हालत में पहुंचे पार्षदों पर आरोप
जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक 1 के पार्षद सुनील कश्यप और वार्ड क्रमांक 24 के पार्षद अजीत गढेवाल कथित रूप से नशे की हालत में नगर पालिका कार्यालय पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और गाली–गलौज करते हुए खुलेआम जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान कार्यालय का कामकाज बाधित हो गया और कर्मचारियों में दहशत फैल गई।
महत्वपूर्ण दस्तावेजों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हंगामे के दौरान महत्वपूर्ण फाइलों और दस्तावेजों को नुकसान पहुंचाने का भी प्रयास किया गया। घटना कार्य समय के दौरान हुई, जिससे नगर पालिका में काम कर रहे अधिकारी और कर्मचारी भयभीत हो गए।
कर्मचारियों में सुरक्षा को लेकर चिंता
इस घटना के बाद कर्मचारियों में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्याप्त है। कर्मचारियों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
थाने में दर्ज कराई गई शिकायत
नगर पालिका प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। अधिकारियों ने दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
यह घटना नगर निकायों में जनप्रतिनिधियों के आचरण और प्रशासनिक मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि जांच के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।

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