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संलग्न शिक्षकों को तत्काल मूल संस्था में भेजा जाए, नहीं तो होगा आंदोलन: AYSU

जगदलपुर , 16 जुलाई। आदिवासी युवा छात्र संगठन (AYSU) बस्तर संभाग ने जिले में विभिन्न विभागों एवं कार्यालयों में संलग्न शिक्षकों को तत्काल उनकी मूल संस्था में वापस भेजने की मांग की है। संगठन का कहना है कि शिक्षकों के संलग्नीकरण से शासकीय विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी हो गई है, जिससे विशेषकर ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों की पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है।

AYSU के संभागीय सचिव अनिल बघेल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि राज्य शासन एवं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों का संलग्नीकरण समाप्त कर उन्हें मूल पदस्थापना वाले विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण कराने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद कई स्थानों पर आज भी संबंधित शिक्षकों को भारमुक्त नहीं किया गया है, जो शासन के निर्देशों की अवहेलना है।

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उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों की अनुपलब्धता के कारण नियमित कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं और विद्यार्थियों का शैक्षणिक भविष्य दांव पर लग रहा है। ऐसी स्थिति में शासन के आदेशों का तत्काल पालन करते हुए सभी संलग्न शिक्षकों को उनकी मूल संस्था में भेजना आवश्यक है।

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संगठन ने प्रशासन एवं शिक्षा विभाग से मांग की है कि संलग्नीकरण समाप्त करने के आदेशों का तत्काल पालन सुनिश्चित किया जाए तथा सभी संबंधित शिक्षकों को बिना विलंब उनकी मूल पदस्थापना वाले विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण कराया जाए, ताकि शैक्षणिक व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।

AYSU ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के हित में संगठन लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन करेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन एवं शिक्षा विभाग की होगी।

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RAVI TAMBOLI

एक सक्रिय और निष्पक्ष समाचार रिपोर्टर हैं, जो सामाजिक, राजनीतिक और स्थानीय मुद्दों पर सटीक व तथ्यात्मक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

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