निलंबन ब्रेकिंग: CG News:- आंखों की जांच करने पहुंचे थे छात्राओं के बीच, अभद्रता के आरोप लगे तो नेत्र सहायक निलंबित

CG News:- स्कूल में छात्राओं की आंखों की जांच के लिए पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी पर ही छात्राओं से अभद्रता के आरोप लग गए। मामला सामने आया तो स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। जांच बैठी, छात्राओं के बयान लिए गए और पालकों की मौजूदगी में हुई जांच के बाद आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं सरगुजा संभाग ने सोनहत CHC में पदस्थ नेत्र सहायक अधिकारी आरबी दिवाकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घुघरा का है। यहां राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत छात्राओं की आंखों की जांच के लिए आई कैंप आयोजित किया गया था। इसी दौरान नेत्र परीक्षण करने पहुंचे कर्मचारी के व्यवहार को लेकर कुछ छात्राओं ने शिकायत की।
आंखों की जांच के बीच सामने आई शिकायत
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्कूल में छात्राओं का नेत्र परीक्षण किया जा रहा था। सोनहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ नेत्र सहायक अधिकारी आरबी दिवाकर भी स्टॉफ के साथ जांच के लिए पहुंचे थे।
इसी दौरान कुछ छात्राओं ने नेत्र परीक्षण करने वाले कर्मचारी पर अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगाए। मामला सामने आने के बाद आरबीएसके के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद यादव ने इसकी जानकारी सोनहत के खंड चिकित्सा अधिकारी को दी। शिकायत को सामान्य मामला मानकर छोड़ने के बजाय बीएमओ ने तत्काल विद्यालय पहुंचकर जांच शुरू की।
पालकों के सामने लिए गए छात्राओं के बयान
जांच के दौरान छात्राओं के बयान उनके पालकों की मौजूदगी में दर्ज किए गए। छात्राओं से लिखित और मौखिक दोनों तरह से जानकारी ली गई।जांच में सामने आए बयानों के आधार पर प्रथम दृष्टया नेत्र सहायक अधिकारी आरबी दिवाकर पर लगाए गए आरोप सही पाए गए। इसके बाद खंड चिकित्सा अधिकारी ने अपनी जांच रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कोरिया के माध्यम से संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं के कार्यालय भेजी।
यानी मामला सिर्फ शिकायत तक सीमित नहीं रहा। विभागीय स्तर पर जांच हुई और उसी जांच रिपोर्ट के आधार पर अब निलंबन की कार्रवाई सामने आई है।
जेडी ने माना– प्रथम दृष्टया आचरण नियमों का उल्लंघन

सरगुजा संभाग के संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. अनिल कुमार शुक्ला ने सोनहत CHC में पदस्थ नेत्र सहायक अधिकारी आरबी दिवाकर को निलंबित कर दिया है।
निलंबन आदेश में कहा गया है कि छात्राओं के लिखित एवं मौखिक कथनों से प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि आरबी दिवाकर द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घुघरा की छात्राओं के नेत्र परीक्षण के दौरान अभद्रता की गई।
विभाग ने प्रथम दृष्टया उनके इस कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का स्पष्ट उल्लंघन माना है।
नियम 9(1)(क) के तहत निलंबन
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कोरिया के पत्र के आधार पर संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 (1) (क) के तहत आरबी दिवाकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला सूरजपुर निर्धारित किया गया है।आदेश में यह भी साफ किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान वे संस्था प्रमुख की लिखित अनुमति के बिना अपना निर्धारित मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
7 अगस्त के पत्र से शुरू हुई कार्रवाई
मामले में कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कोरिया छत्तीसगढ़ द्वारा 7 अगस्त 2026 को पत्र जारी किया गया था। इसी पत्र में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घुघरा, विकासखंड सोनहत की छात्राओं द्वारा आरबी दिवाकर, नेत्र सहायक अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनहत के खिलाफ लगाए गए आरोपों का उल्लेख किया गया।
पत्र के मुताबिक आरबीएसके के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद यादव ने मामले की जानकारी खंड चिकित्सा अधिकारी सोनहत को दी। इसके बाद बीएमओ ने दूरभाष के माध्यम से उच्च अधिकारी को मामले से अवगत कराया।
इसके बाद संबंधित विद्यालय में पहुंचकर छात्राओं और संस्था प्रभारी की मौजूदगी में जांच कराई गई तथा छात्राओं के बयान उनके पालकों के सामने दर्ज किए गए।
इन लिखित और मौखिक कथनों के आधार पर प्रथम दृष्टया आरोप सही प्रतीत होने के बाद जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गई और अब नेत्र सहायक अधिकारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
निलंबन के साथ विभागीय जांच भी
निलंबन आदेश जारी होने के बाद मामले में विभागीय जांच की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। निलंबन अवधि में आरबी दिवाकर को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
स्वास्थ्य विभाग का आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
अब सवाल सिर्फ निलंबन का नहीं है। सवाल यह भी है कि जिस कार्यक्रम का मकसद स्कूल की छात्राओं की स्वास्थ्य जांच और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना था, उसी दौरान अगर अभद्रता के आरोप सामने आते हैं तो विभागीय जांच में आगे क्या–क्या तथ्य सामने आते हैं? फिलहाल विभाग ने प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए कार्रवाई जरूर कर दी है।

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