CG Cyber News: एक दिन में 3500 छात्रों तक पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश, रायगढ़ पुलिस ने बताया—OTP और PIN किसी को नहीं देना
15 से 22 अगस्त तक स्कूल-कॉलेजों में चला ‘साइबर जागृति अभियान’, UPI फ्रॉड, फर्जी लिंक और सोशल मीडिया ठगी से बचने के बताए आसान तरीके

रायगढ़। साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं और अब उनकी नजर युवाओं पर भी है। ऐसे में रायगढ़ पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता की मुहिम तेज कर दी है। 15 से 22 अगस्त तक चले विशेष ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत जिले के स्कूल-कॉलेजों में पुलिस टीमों ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। अभियान के आखिरी दिन 22 अगस्त को ही करीब 3500 छात्र-छात्राओं तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया।
पुलिस मुख्यालय, छत्तीसगढ़ के निर्देश और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में चल रहे इस अभियान का मकसद सिर्फ साइबर अपराध की जानकारी देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को ऐसा सतर्क डिजिटल नागरिक बनाना है, जो खुद भी ठगी से बचे और अपने परिवार को भी बचाए।
एक गलती और बैंक खाता हो सकता है खाली
जागरूकता कार्यक्रमों में पुलिस टीमों ने विद्यार्थियों को बताया कि साइबर ठगी में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले तरीकों में OTP फ्रॉड, UPI फ्रॉड, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया फ्रॉड और फर्जी कॉल शामिल हैं।

पुलिस ने साफ कहा कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN, पासवर्ड, बैंक या UPI से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अनजान ऐप डाउनलोड करने और लालच या डर पैदा करने वाले फोन कॉल पर भरोसा करने से भी बचने की सलाह दी गई।
पुलिस का संदेश सीधा था—साइबर ठगी से बचने के लिए बड़ी तकनीकी जानकारी नहीं, थोड़ी सी सतर्कता जरूरी है।
QR कोड से जुड़ो, सेल्फी लो और दूसरों को भी जागरूक करो
अभियान के दौरान विद्यार्थियों को ‘साइबर जागृति अभियान’ के QR स्कैनर की जानकारी भी दी गई। पुलिस ने बताया कि QR कोड स्कैन कर अभियान से जुड़ा जा सकता है और सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर साझा की जा सकती है।
इसका उद्देश्य सिर्फ खुद जागरूक होना नहीं, बल्कि परिवार, दोस्तों और आसपास के लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाना भी है।
विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे ‘जागरूक रहें और दूसरों को भी जागरूक करें’ के संदेश के साथ साइबर सुरक्षा की जानकारी घर-घर तक पहुंचाएं।
इन स्कूल-कॉलेजों में पहुंची पुलिस टीम
अभियान के तहत जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने कार्यक्रम आयोजित किए।
* थाना तमनार की टीम ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धौराभाठा में विद्यार्थियों को साइबर अपराध से बचाव की जानकारी दी।
* थाना पूंजीपथरा की टीम ने स्वामी आत्मानंद स्कूल छर्राटांगर में जागरूकता कार्यक्रम किया।
* थाना जूटमिल की टीम ने उत्तम मेमोरियल कॉलेज पटेलपाली में विद्यार्थियों से संवाद किया।
* थाना कोतरारोड़ की टीम ने साइबर आत्मानंद स्कूल किरोड़ीमल में कार्यक्रम आयोजित कर करीब 500 छात्र-छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं को जागरूक किया।
* चौकी खरसिया की टीम ने लाल बहादुर शास्त्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरसिया में साइबर अपराध से बचाव के तरीके बताए।
* ग्राम जोबी के हायर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थियों को साइबर अपराध के साथ-साथ यातायात नियमों, बाल अपराध और महिलाओं से संबंधित अपराधों के प्रति भी जागरूक किया गया।
* धरमजयगढ़ पुलिस ने ज्योति उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धरमजयगढ़ में साइबर सुरक्षा की जानकारी दी।
* शासकीय माध्यमिक विद्यालय हालाहुली खरसिया में खरसिया पुलिस टीम ने जागरूकता कार्यक्रम किया।
* विद्या विकास स्कूल रायगढ़ में थाना साइबर और थाना चक्रधरनगर की टीम ने विद्यार्थियों को साइबर ठगी से बचने के उपाय बताए।
पुलिस का फोकस—बच्चे बनें साइबर जागरूकता के दूत
रायगढ़ पुलिस का यह अभियान सिर्फ स्कूलों में जाकर कुछ बातें बताने तक सीमित नहीं है। पुलिस की कोशिश है कि विद्यार्थी साइबर सुरक्षा के वाहक बनें और अपने घर, परिवार और समाज में भी लोगों को जागरूक करें।
क्योंकि साइबर ठगी में कई बार अपराधी तकनीक से ज्यादा डर, लालच और जल्दबाजी का इस्तेमाल करते हैं।
ऐसे में पुलिस का संदेश बिल्कुल साफ है—
OTP किसी को नहीं देना है।
PIN और पासवर्ड साझा नहीं करना है।
अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करना है।
अनजान ऐप डाउनलोड नहीं करना है।
और डराने या लालच देने वाले फोन पर तुरंत भरोसा नहीं करना है।
रायगढ़ पुलिस के मुताबिक स्कूल-कॉलेजों में लगातार संवाद के जरिए साइबर सुरक्षा की जानकारी विद्यार्थियों तक सीधे पहुंचाई जा रही है। अभियान का लक्ष्य है कि एक विद्यार्थी जागरूक हो तो उसके साथ पूरा परिवार और उसके जरिए पूरा समाज भी जागरूक हो।
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