CG Crime News:- पैसा डबल करने का लालच पड़ा भारी! 8.50 लाख लेकर थमाया कागजों का बंडल, शेयर करेंसी के नाम पर ठगी का एक और आरोपी बिहार से गिरफ्तार
पहले 10 हजार को बनाया 20 हजार, फिर 10 लाख लगाने का दिया झांसा; 8.50 लाख लेकर 17 लाख का नकली पैकेट थमाकर फरार हो गए थे ठग

सूरजपुर। शेयर करेंसी में पैसा लगाइए और कुछ ही दिनों में रकम दोगुनी पाइए… लालच ऐसा कि पहले 10 हजार लगाए तो बदले में 20 हजार वापस मिल गए। भरोसा जम गया तो ठगों ने अगला दांव खेला। इस बार रकम थी 8 लाख 50 हजार रुपये। ठग आए, नोट गिने, बदले में 17 लाख रुपये बताकर एक बंद पैकेट थमा दिया और चलते बने। जब पैकेट खुला तो उसमें रुपये नहीं, बल्कि नोट के आकार में काटकर बनाए गए सादे कागजों का बंडल निकला।
करीब तीन साल पुराने इस ठगी के मामले में रेवटी पुलिस ने एक और आरोपी शाहजाद अंसारी को बिहार के कैमूर से गिरफ्तार किया है। मामले में इससे पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक अन्य फरार आरोपी की तलाश जारी है।
पहले 10 हजार से जीता भरोसा, फिर 8.50 लाख पर लगाया बड़ा हाथ
मामला ग्राम गोवर्धनपुर निवासी सुनील पाण्डेय की शिकायत से जुड़ा है। 27 फरवरी 2023 को उन्होंने चौकी रेवटी में शिकायत दर्ज कराई थी कि तीन व्यक्ति स्विफ्ट डिजायर कार से पहुंचे और झांसा देकर उनसे 8 लाख 50 हजार रुपये लेकर फरार हो गए।
जांच में सामने आया कि 17 फरवरी 2023 को सुनील अपनी किराना दुकान पर बैठे थे। इसी दौरान तीन लोग कार से वहां पहुंचे। सामान खरीदने के दौरान बातचीत हुई तो उनमें से एक ने अपना नाम आकाश बताया और दावा किया कि वे शेयर करेंसी का काम करते हैं, जिसमें पैसा दोगुना हो जाता है।
बातों में फंसाकर आरोपियों ने पहले 10 हजार रुपये लिए और अगले दिन रकम दोगुनी करके 20 हजार रुपये लौटा दिए।
बस यहीं से सुनील को आरोपियों पर भरोसा हो गया।
फिर शुरू हुआ असली खेल
आरोपियों ने कहा कि ज्यादा रकम लगाई जाए तो 2 से 4 दिन में पैसा दोगुना हो जाएगा। लगातार फोन पर बातचीत कर आरोपियों ने विश्वास और बढ़ाया और सुनील को 10 लाख रुपये तक लगाने के लिए तैयार कर लिया।
सुनील ने किसी तरह 8 लाख 50 हजार रुपये की व्यवस्था की और आरोपियों को इसकी जानकारी दी।
27 फरवरी की सुबह आरोपी उसकी दुकान पर पहुंचे। रकम गिनी और 8.50 लाख रुपये अपने कब्जे में ले लिए।
इसके बाद उन्होंने खाकी रंग का एक बंद प्लास्टिक पैकेट सुनील को थमाया और कहा कि इसमें 17 लाख रुपये हैं। साथ ही कहा कि बाद में लौटकर इसमें से 3 लाख रुपये ले लेंगे और अभी पैकेट नहीं खोलना।
ठगों के जाने के बाद जब काफी देर तक कोई वापस नहीं आया और मोबाइल भी बंद मिला तो सुनील ने पैकेट खोलकर देखा।
अंदर 17 लाख तो दूर, एक भी असली नोट नहीं था।
खाकी रंग के कागज में नोट के आकार के सादे कागजों का बंडल बनाकर पैकेट तैयार किया गया था।
तब जाकर पूरा खेल समझ आया।
मोबाइल नंबर ने खोला ठगों का रास्ता
मामले की जांच में पुलिस ने तकनीकी मदद ली तो ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबर का कनेक्शन उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से सामने आया।
जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि संबंधित व्यक्ति करीब तीन महीने पहले वाराणसी के नगवा स्थित राज कम्युनिकेशन नामक मोबाइल दुकान पर सिम लेने गया था।
उसने आधार कार्ड और फोटो दिया। दुकानदार अमरेश मिश्रा ने तकनीकी प्रक्रिया में दिक्कत बताकर दोबारा फोटो और आधार की तस्वीर ली और उसके नाम पर एक से ज्यादा सिम सक्रिय कर दिए। इनमें से एक सिम की जानकारी संबंधित व्यक्ति को नहीं थी।
आरोप है कि अमरेश मिश्रा ने इसी सिम को आपराधिक इस्तेमाल की जानकारी रखते हुए राजेश सिंह को 1500 रुपये में दे दिया।
इसके बाद राजेश सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसी नंबर का इस्तेमाल कर सुनील पाण्डेय से ठगी की और वारदात के बाद सिम व मोबाइल तोड़कर फेंक दिया।
दो आरोपी पहले ही गिरफ्तार, कार भी जब्त
मामले में पुलिस ने पहले अमरेश मिश्रा, निवासी वाराणसी और राजेश सिंह, निवासी भगवानपुर, वाराणसी को गिरफ्तार किया था।
दोनों ने पूछताछ में अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात करना स्वीकार किया था। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल कार भी जब्त की थी।
मामले में दो आरोपी फरार थे, जिनकी तलाश लगातार जारी थी।
कैमूर में मिली लोकेशन, पुलिस टीम ने दबोचा
पुराने लंबित मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और साइबर तकनीक का इस्तेमाल करने के निर्देश पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल ने चौकी प्रभारी रेवटी संतोष सिंह को दिए थे।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन और एसडीओपी प्रतापपुर अनूप एक्का के मार्गदर्शन में पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जुटी थी।
इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी शाहजाद अंसारी बिहार के कैमूर में है। इसके बाद पुलिस टीम बिहार रवाना हुई और कैमूर में दबिश देकर शाहजाद अंसारी पिता स्व. युसुफ अंसारी, उम्र 29 वर्ष, निवासी शाही सराय, थाना कुदरा, जिला कैमूर, बिहार को पकड़ लिया।
पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात करना स्वीकार किया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
मामले का एक आरोपी अब भी फरार है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।
पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका
इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी खड़गवां, चौकी प्रभारी रेवटी संतोष सिंह, प्रधान आरक्षक शिव राजवाड़े, आरक्षक मनरूप पैंकरा और अशोक राजवाड़े की सक्रिय भूमिका रही।
ठगों का तरीका भी समझिए
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सबक यही है कि ठग पहले छोटी रकम पर भरोसा जीतते हैं, फिर बड़ी रकम लगाने का लालच देते हैं। यहां भी 10 हजार रुपये को 20 हजार बनाकर पीड़ित का विश्वास जीता गया और बाद में 8.50 लाख रुपये पर हाथ साफ कर दिया गया।
पैसा दोगुना करने का लालच जितना बड़ा होगा, ठगी का खतरा भी उतना ही बड़ा हो सकता है। शेयर, करेंसी या निवेश के नाम पर पैसा लगाने से पहले संबंधित व्यक्ति और संस्था की पूरी जांच करना ही सबसे सुरक्षित रास्ता है।
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