Bilaspur News :- “वन बॉल, वन विकेट —एएसआई निलंबित, अपराध दर्ज रतनपुर थाने में शराब के नाम पर अवैध वसूली के बाद कांस्टेबल लौटाए ₹15 हजार,जीरो टॉलरेंस नीति का खौफ, अब दूसरे विकेट का इंतजार

Bilaspur News :- बिलासपुर में पुलिस कप्तान रजनेश सिंह की सख्ती का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। अवैध वसूली में लिप्त पुलिसकर्मी कार्रवाई के डर से रकम लौटाने को मजबूर हो रहे हैं। शिकायत की आशंका मात्र से ही विभाग में हड़कंप की स्थिति बन रही है। पीड़ितों को राहत मिल रही है और पुलिस प्रशासन पर उनका भरोसा मजबूत हो रहा है। यह घटनाक्रम ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के प्रभावी क्रियान्वयन का संकेत देता है। प्रशिक्षु आईपीएस के नेतृत्व में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई के दौरान सामने आए कांस्टेबल के के द्वारा की गई वसूली के मामले ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल जरूर खड़े किए, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों की सख्ती से जवाबदेही सुनिश्चित होती दिख रही है।नतीजतन, जिले में कानून व्यवस्था और पुलिस की छवि दोनों सुदृढ़ होती नजर आ रही हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि “वन बॉल, वन विकेट” के बाद इस मामले में अगली कार्रवाई कब होती है।
Bilaspur बिलासपुर। जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र में इन दिनों पुलिस महकमा लगातार सुर्खियों में है। नए थाना प्रभारी की पदस्थापना के बाद से एक के बाद एक बड़ी घटनाएं सामने आ रही हैं। इसी बीच पुलिस कप्तान रजनेश सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए रिश्वतखोरी और मारपीट के आरोप में एएसआई दिनेश तिवारी को निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ अपराध भी दर्ज किया गया है, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है।
अवैध शराब कार्रवाई के दौरान वसूली का आरोप
जानकारी के अनुसार, बीते दिनों रतनपुर थाना क्षेत्र में प्रशिक्षु आईपीएस अंशिका जैन के नेतृत्व में पुलिस टीम अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची थी। इस दौरान पांच लीटर कच्ची शराब जब्त की गई। आरोप है कि कार्रवाई के दौरान एक कोचिए से 10 लीटर शराब बनाने के एवज में कांस्टेबल ने 25 हजार रुपये की मांग की गई, जिसमें से 15 हजार रुपये तत्काल वसूल कर लिए गए।
उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया मामला
मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंचते ही सख्ती दिखाई गई, जिसके बाद संबंधित आरक्षक द्वारा वसूली गई15 हजार रुपए वापस लौटा दी गई। हालांकि, इसी बीच थाना क्षेत्र में घटी एक अन्य बड़ी घटना के कारण यह मामला कुछ समय के लिए अधिकारियों के ध्यान से ओझल हो गया और ठंडे बस्ते में चला गया।
पुलिस कप्तान का खौफ: अवैध वसूली के बाद लौटाए जा रहे पैसे

जिले में पुलिस कप्तान रजनेश सिंह की सख्ती का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि अवैध वसूली में लिप्त पुलिसकर्मी कार्रवाई के डर से स्वयं ही रकम लौटाने को मजबूर हो रहे हैं। विभाग के भीतर यह संदेश तेजी से फैल रहा है कि शिकायत सीधे वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची, तो कठोर दंड तय है।
सूत्रों के अनुसार, कई मामलों में जैसे ही पीड़ितों ने एसएसपी से शिकायत करने की बात कही, संबंधित पुलिसकर्मियों ने अवैध रूप से वसूले गए पैसे वापस कर दिए। यह स्थिति दर्शाती है कि कानून के रखवालों पर भी कानून का शिकंजा कसता जा रहा है और जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है।
इसे पुलिस प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का प्रभाव माना जा रहा है। एसएसपी के कड़े अनुशासनात्मक रुख ने विभाग में पारदर्शिता, जवाबदेही और भय—तीनों को स्थापित किया है।
कप्तान के रुख पर टिकीं सबकी निगाहें
सूत्रो के मुताबिक, यह प्रकरण अभी पूरी तरह पुलिस कप्तान के संज्ञान में नहीं पहुंच पाया है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस गंभीर मामले को लेकर वे क्या रुख अपनाते हैं। यदि शिकायत उनके संज्ञान में आती है, तो विभागीय जांच में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल, पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन के अगले कदम का इंतजार है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि “वन बॉल, वन विकेट” के बाद दूसरा विकेट कब गिरता है।

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