Bilaspur Police News:- अब अपराधियों के लिए ‘नो ब्रेक’! SSP रजनेश सिंह ने थानों को दिया साप्ताहिक टारगेट, सप्ताह के सातों दिन तय हुआ काम

Bilaspur Police News:- बिलासपुर पुलिस अब पुराने ढर्रे पर नहीं चलेगी। एसएसपी रजनेश सिंह ने जिले के सभी थानों के लिए सप्ताह के सातों दिन का अलग-अलग कार्य तय कर दिया है। विवादों से लेकर चाकूबाजों, चोरों, लुटेरों, बाहरी लोगों और निगरानी बदमाशों तक, हर दिन पुलिस की नजर किसी न किसी खास श्रेणी पर रहेगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे अपराधियों पर लगातार दबाव बनेगा और बीट सिस्टम भी पहले से ज्यादा मजबूत होगा।
पुलिसिंग में नया प्रयोग, हर दिन का एजेंडा तय
Bilaspur बिलासपुर में पुलिसिंग को ज्यादा व्यवस्थित और परिणाममुखी बनाने के लिए एसएसपी रजनेश सिंह ने एक नई व्यवस्था लागू की है। अब जिले के सभी थानों में सप्ताह के हर दिन का काम पहले से तय रहेगा। थाना प्रभारी अपने-अपने बीट आरक्षकों को उसी हिसाब से जिम्मेदारी सौंपेंगे और उसके क्रियान्वयन की निगरानी भी करेंगे।
अब तक थानों में प्राथमिकताएं अक्सर घटनाओं और शिकायतों के आधार पर बदलती रहती थीं। ऐसे में कई जरूरी क्षेत्रों की नियमित मॉनिटरिंग नहीं हो पाती थी। नई व्यवस्था इसी कमी को दूर करने की कोशिश मानी जा रही है।
ऑफिस से मैदान तक, बढ़ाई गई फोर्स की ताकत
इस बदलाव के साथ एसएसपी ने एक और बड़ा फैसला लिया है। एसपी कार्यालय और डायल-112 में लंबे समय से तैनात करीब 20 आरक्षकों को फील्ड ड्यूटी के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इससे थानों को अतिरिक्त बल मिलेगा और जमीनी स्तर पर निगरानी पहले से ज्यादा प्रभावी होगी।
पुलिस विभाग के भीतर इसे एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि आमतौर पर कार्यालयों में तैनात स्टाफ की इतनी बड़ी संख्या को एक साथ फील्ड में नहीं भेजा जाता।
सप्ताह के सात दिन, सात अलग जिम्मेदारियां
नई व्यवस्था के तहत सोमवार को भूमि विवाद, पड़ोसी झगड़े और छोटे-छोटे विवादों की समीक्षा होगी। मंगलवार को चाकूबाज और हथियारबंद अपराधियों की निगरानी की जाएगी।
बुधवार चोरी और नकबजनी के आरोपियों की जांच के लिए तय किया गया है, जबकि गुरुवार को पुराने लूट और डकैती के आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
शुक्रवार को बाहरी व्यक्तियों, फेरीवालों और अस्थायी रूप से रह रहे लोगों का सत्यापन होगा। शनिवार को होटल, लॉज, धर्मशाला और ढाबों की जांच की जाएगी ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
रविवार को बदमाशों की चेकिंग और जनता से संवाद
रविवार को निगरानीशुदा बदमाशों और गुंडा सूची में शामिल लोगों की हाजिरी और सत्यापन किया जाएगा। इसके अलावा कॉलोनियों और मोहल्लों में बीट बैठकें आयोजित कर लोगों को साइबर अपराध, यातायात नियम, पॉक्सो कानून और अन्य महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी जाएगी।
पुलिस का मानना है कि इससे जनता और पुलिस के बीच संवाद भी मजबूत होगा और स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
सिर्फ आदेश नहीं, होगी नियमित मॉनिटरिंग भी
एसएसपी रजनेश सिंह ने स्पष्ट किया है कि यह केवल कागजी व्यवस्था नहीं होगी। थाना प्रभारियों को बीट आरक्षकों का कार्य आवंटन सुनिश्चित करने के साथ-साथ उसकी समीक्षा भी करनी होगी। वहीं एएसपी स्तर के अधिकारी समय-समय पर इसकी मॉनिटरिंग करेंगे।
पुलिस महकमे में इस पहल को एक ऐसे मॉडल के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें अपराधियों पर लगातार नजर रखने के साथ-साथ उन क्षेत्रों पर भी फोकस किया जाएगा जो अक्सर नियमित निगरानी से छूट जाते हैं। यही वजह है कि इस नई व्यवस्था को जिले में पुलिसिंग के तरीके में एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
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