Ratanpur News:- बरसते पानी में निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, ‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष से गूंजा रतनपुर का गजकिला

Ratanpur News:- राजा कल्याण साय द्वारा निर्मित ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर से निकली रथयात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, जगह–जगह हुआ स्वागत और प्रसाद वितरण
संजय सोनी
Ratanpur रतनपुर। धर्मनगरी रतनपुर के हृदय स्थल गजकिला स्थित ऐतिहासिक भगवान जगन्नाथ मंदिर से गुरुवार को भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र की भव्य रथयात्रा श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ निकाली गई। इस वर्ष रथयात्रा के दौरान लगातार हो रही बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था को डिगा नहीं सकी। बरसते पानी में हजारों श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए उमड़ पड़े और “जय जगन्नाथ” के गगनभेदी जयघोष के बीच रथयात्रा में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
ऐतिहासिक है गजकिला का जगन्नाथ मंदिर
रतनपुर के गजकिला स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर का विशेष धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है। मान्यता है कि इस मंदिर का निर्माण पंद्रहवीं शताब्दी में राजा कल्याण साय द्वारा कराया गया था। मंदिर के गर्भगृह में भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा तथा भगवान बलभद्र की दिव्य एवं आकर्षक प्रतिमाएं विराजमान हैं। इनका स्वरूप उड़ीसा के पुरी स्थित विश्वप्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर की परंपरा के अनुरूप माना जाता है, जिसके कारण यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
रथयात्रा से पहले मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया
रथयात्रा से पूर्व मंदिर प्रबंधन द्वारा पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया और संवारा गया। भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र का विशेष श्रृंगार कर वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। जैसे ही भगवान की दिव्य प्रतिमाओं को सुसज्जित रथ पर विराजमान कर बाहर लाया गया, पूरा गजकिला क्षेत्र “जय जगन्नाथ” के जयकारों से गूंज उठा।
बरसते पानी में भी नहीं डिगी भक्तों की आस्था
रथयात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली, जहां जगह–जगह श्रद्धालुओं ने भगवान के रथ का पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ स्वागत किया। बारिश के बावजूद श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ रथयात्रा में शामिल रहे। नगर सहित आसपास के गांवों से पहुंचे हजारों भक्त भगवान के दिव्य दर्शन के लिए उमड़ पड़े। कई श्रद्धालु भगवान के रथ के निकट पहुंचकर एक झलक पाने के लिए भारी मशक्कत करते दिखाई दिए। सभी ने भगवान की आरती कर मत्था टेका और प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
प्रसाद वितरण और सेवा का अद्भुत संगम
रथयात्रा के दौरान मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा सभी श्रद्धालुओं को स्नेहपूर्वक प्रसाद वितरित किया गया। वहीं नगर की विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं ने भी सेवा भाव का परिचय देते हुए खीर-पूड़ी सहित अन्य प्रसाद का वितरण किया। पूरे आयोजन में श्रद्धा, सेवा और सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल देखने को मिली।
पुलिस प्रशासन रहा पूरी तरह मुस्तैद
रथयात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। मंदिर परिसर से लेकर नगर के प्रमुख चौक–चौराहों और पूरे रथयात्रा मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन की सतर्कता और मंदिर प्रबंधन के बेहतर समन्वय के चलते पूरा आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
रतनपुर की सांस्कृतिक विरासत का बना साक्षी
बरसते पानी के बीच निकली भगवान जगन्नाथ की यह भव्य रथयात्रा एक बार फिर रतनपुर की समृद्ध धार्मिक परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और अटूट जनआस्था का प्रतीक बन गई। भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र के दर्शन के लिए उमड़ी हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ ने यह साबित कर दिया कि सच्ची श्रद्धा के आगे मौसम की हर बाधा छोटी पड़ जाती है।

Live Cricket Info
