ठेकेदार की मनमानी से अधूरी सड़क, आम जनता परेशान: बढ़ते हादसे और प्रभावित हो रहे विवाह, जल्द निर्माण के दावे

बिलासपुर जिले के कोटा जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडरा पथरा में अधूरी सड़क ग्रामीणों के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है। ठेकेदार की कथित मनमानी के कारण निर्माण कार्य अधूरा रह गया, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और लोगों का आवागमन जोखिम भरा हो गया है। सड़क की खराब स्थिति का असर अब सामाजिक जीवन पर भी पड़ रहा है, यहां तक कि विवाह संबंध भी प्रभावित हो रहे हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से जनप्रतिनिधियों द्वारा आश्वासन दिए जाते रहे हैं, जिनमें अजीत जोगी , अरुण साव , तोखान साहू , अटल श्रीवास्तव और रेणु जोगी शामिल हैं, लेकिन समस्या का समाधान अब तक नहीं हो सका है। वहीं सरपंच स्वेता मनोज ध्रुव के बताया कि मंडी बोर्ड से 200 मीटर सड़क निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है और शेष कार्य के लिए प्रक्रिया जारी है। विभाग ने जल्द निर्माण शुरू करने का आश्वासन दिया है, जबकि ग्रामीण शीघ्र समाधान की मांग कर रहे हैं।
बिलासपुर / कोटा।
यह सिर्फ एक सड़क की कहानी नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था की हकीकत है जहां विकास के दावे और जमीनी सच्चाई के बीच गहरी खाई दिखाई देती है। कोटा जनपद क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडरा पथरा में अधूरी सड़क ग्रामीणों के लिए वर्षों से परेशानी का कारण बनी हुई है। सदी भर के लंबे इंतजार के बाद गांव को सड़क की सौगात तो मिली, लेकिन ठेकेदार की कथित मनमानी के चलते निर्माण अधूरा रह गया, जिससे आम जनता त्रस्त है।
हादसों का सबब बनी अधूरी सड़क
ग्रामीणों के अनुसार गड्ढों और कीचड़ से भरी इस सड़क पर आवागमन करना जोखिम भरा हो गया है। आए दिन बाइक सवार फिसलकर घायल हो रहे हैं। बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। कई लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका है।
ठेकेदार पर मनमानी के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में लापरवाही बरती गई और कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। उनका कहना है कि ठेकेदार की मनमानी के कारण लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतों के बावजूद जिम्मेदारों द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
रमेश नेताम (पिंटू) ने बताया कि 300 मीटर सड़क निर्माण की मांग की गई थी, लेकिन केवल 200 मीटर की ही स्वीकृति दी गई। इससे लोगों में असंतोष और बढ़ गया है।
वादों की लंबी सूची, हकीकत अधूरी
ग्रामीणों के अनुसार समय-समय पर कई जनप्रतिनिधियों ने गांव पहुंचकर सड़क निर्माण के आश्वासन दिए। इनमें अजीत जोगी , अरुण साव , तोखान साहू , अटल श्रीवास्तव तथा रेणु जोगी जैसे नाम शामिल हैं। हालांकि, धरातल पर पूर्ण निर्माण अब तक नहीं हो सका है।
विवाह संबंध भी हो रहे प्रभावित
सड़क की दुर्दशा का असर अब गांव के सामाजिक जीवन पर भी पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क के कारण बाहरी लोग गांव में आने से कतराते हैं। इससे युवक-युवतियों के विवाह संबंध प्रभावित हो रहे हैं और कई परिवारों को रिश्ते तय करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
गांव के प्रमुख नागरिक राजेश विग (बबलू) ने कहा, “सड़क की समस्या अब गांव की प्रतिष्ठा से जुड़ गई है। खराब मार्ग के कारण बाहरी लोग यहां विवाह संबंध करने से बच रहे हैं।
ग्रामीणों में गहरा आक्रोश
राजा प्रजापति, संजू यादव, सुनील यादव और अनीस सहित अन्य ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि वर्षों से केवल आश्वासन मिलते रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
जल्द निर्माण का आश्वासन
ग्राम पंचायत की सरपंच स्वेता मनोज ध्रुव ने बताया कि सड़क निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि मंडी बोर्ड से लगभग 200 मीटर सड़क निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है तथा शेष सड़क निर्माण के लिए प्रक्रिया जारी है।
मंडी विभाग के इंजीनियर ने भी बताया कि ठेकेदार से चर्चा पूरी कर ली गई है और आगामी सप्ताह से निर्माण कार्य प्रारंभ किए जाने की तैयारी है।
बिलासपुर कांग्रेस जिला सचिव रामचंद्र गंधर्व ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर उन्होंने पूर्व पर्यटन मंडल अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा था। उनके द्वारा की गई अनुशंसा के आधार पर सड़क निर्माण कार्य की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। साथ ही, अटल श्रीवास्तव के हस्तक्षेप के पश्चात संबंधित विभाग ने शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ करने का आश्वासन दिया है।
गांव इंतजार में है।
सड़क अधूरी है।
और विकास अब भी कागजों से निकलकर जमीन तक पहुंचने की राह देख रहा है।

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