बड़ी खबर: वेदांता पावर प्लांट हादसे पर कांग्रेस का कड़ा रुख, 10 सदस्यीय ‘हाई-लेवल’ जांच समिति गठित ,मजदूरों की मौत और 50 से ज्यादा घायलों के मामले में PCC एक्शन में, पूर्व मंत्री संभालेंगे कमान..


पूर्व मंत्री संभालेंगे कमान..
Sakti News:- सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट में कई मजदूरों की मौत और 50 से अधिक श्रमिकों के घायल होने के बाद छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर 10 सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है। इस समिति की कमान पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को सौंपी गई है। समिति घटनास्थल का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात करेगी, प्लांट प्रबंधन से चर्चा करेगी और हादसे के कारणों व सुरक्षा चूक की जांच कर जल्द ही अपनी रिपोर्ट PCC को सौंपेगी। यह कदम औद्योगिक सुरक्षा और जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Sakti सक्ती। कभी–कभी खबरें सिर्फ घटनाओं का विवरण नहीं होतीं, बल्कि व्यवस्था से जवाब मांगती हैं। सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुआ भीषण बॉयलर ब्लास्ट ऐसा ही एक हादसा है, जिसने पूरे छत्तीसगढ़ को झकझोर दिया है। कई मजदूरों की असामयिक मौत और 50 से अधिक श्रमिकों के घायल होने की इस दर्दनाक घटना ने औद्योगिक सुरक्षा और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस घटना पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर 10 सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है, जो घटनास्थल पर जाकर जमीनी हकीकत का पता लगाएगी।
जयसिंह अग्रवाल के नेतृत्व में ‘स्पेशल-10’ की टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस ने अनुभवी नेताओं को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को समिति का संयोजक नियुक्त किया गया है। उनके साथ वरिष्ठ नेताओं और क्षेत्रीय प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।
जांच समिति के प्रमुख सदस्य:
• संयोजक: जयसिंह अग्रवाल (पूर्व मंत्री)
• सदस्य: नोबेल वर्मा (पूर्व मंत्री)
• रामकुमार यादव (विधायक, चंद्रपुर)
• अटल श्रीवास्तव (विधायक, कोटा)
• बालेश्वर साहू (विधायक, जैजैपुर)
• राघवेन्द्र सिंह (विधायक, अकलतरा)
• व्यास कश्यप (विधायक, जांजगीर–चांपा)
• शेषराज हरवंश (विधायक, पामगढ़)
• रश्मि गबेल (अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी सक्ती)
• राजेश अग्रवाल (अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी जांजगीर–चांपा)
ग्राउंड जीरो पर होगी ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ जांच
प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह समिति केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का आकलन करेगी। समिति को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि—
• प्रभावित क्षेत्र का तत्काल दौरा किया जाए।
• पीड़ित परिवारों और घायलों से मुलाकात कर उनकी स्थिति जानी जाए।
• प्लांट प्रबंधन से तकनीकी कारणों और सुरक्षा चूक की जानकारी ली जाए।
• स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत कर वस्तुस्थिति का आकलन किया जाए।
जल्द सौंपी जाएगी रिपोर्ट
जांच समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र ही PCC को सौंपेगी। इस कदम के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और प्लांट प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों को लेकर दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है।
सवाल जो अब भी बाकी हैं…
यह हादसा केवल एक औद्योगिक दुर्घटना नहीं, बल्कि श्रमिकों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था? क्या लापरवाही को नजरअंदाज किया गया? और सबसे बड़ा सवाल—क्या दोषियों पर जवाबदेही तय होगी?
इन सवालों के जवाब अब जांच समिति की रिपोर्ट से सामने आने की उम्मीद है। तब तक, यह घटना हमें याद दिलाती रहेगी कि विकास की कीमत मजदूरों की जान नहीं हो सकती।

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