Vidhayak vs Nayab Tehsildar: विधायक–नायब तहसीलदार विवाद ने पकड़ा तूल, राजस्व अमला धरने पर, विधायक और उनके समर्थकों गिरफ्तारी की मांग से बढ़ा सियासी तापमान

Vidhayak vs Nayab Tehsildar: – विधायक बनाम नायब तहसीलदार विवाद अब सड़क से कलेक्ट्रेट तक पहुंच गया है। भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों पर नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी से मारपीट के आरोप के बाद पूरा राजस्व अमला उनके समर्थन में उतर आया है। सरगुजा कलेक्ट्रेट परिसर में अधिकारी–कर्मचारी धरने पर बैठ गए हैं और विधायक की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
अंबिकापुर। सरगुजा जिले में भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के बीच हुआ विवाद अब बड़ा प्रशासनिक आंदोलन बनता जा रहा है। कथित मारपीट की घटना के विरोध में शुक्रवार को राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई है।
धरने में शामिल अधिकारियों का कहना है कि यदि प्रशासनिक अधिकारियों के साथ खुलेआम मारपीट होगी और कार्रवाई नहीं होगी तो इससे शासन व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा। राजस्व कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
कलेक्ट्रेट में नारेबाजी, कई कामकाज प्रभावित
कलेक्ट्रेट परिसर में सुबह से ही राजस्व अमले की भीड़ जुटने लगी। अधिकारियों और कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए घटना की निंदा की। धरने के कारण कई राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित रहे। वहीं दूसरी तरफ विधायक समर्थकों के भी आंदोलन की तैयारी की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
पैरोल के दस्तावेज से शुरू हुआ पूरा विवाद
जानकारी के मुताबिक मामला सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के राजापुर उप तहसील का है। विधायक रामकुमार टोप्पो की चचेरी बहन सीमा धनकी ने अपने जेल में बंद पति को पैरोल पर रिहा कराने के लिए जमीन का शोध क्षमता प्रमाण पत्र बनवाने आवेदन दिया था।
परिजनों का आरोप है कि आवेदन देने के बाद भी फाइल लंबित रखी गई और लगातार चक्कर कटवाए जाते रहे। उनका कहना है कि सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी थीं, सिर्फ नायब तहसीलदार के हस्ताक्षर बाकी थे।
“दूसरे दिन आना”, फिर बढ़ा विवाद
सीमा धनकी का आरोप है कि 27 मई को वे दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराने नायब तहसीलदार कार्यालय पहुंचीं थीं। इस दौरान हस्ताक्षर करने को कहने पर नायब तहसीलदार नाराज हो गए और कथित तौर पर फाइल फेंकते हुए दुर्व्यवहार किया। महिला का आरोप है कि उन्हें दफ्तर से बाहर जाने तक कह दिया गया।घटना की जानकारी मिलने के बाद मामला विधायक रामकुमार टोप्पो तक पहुंचा।
चौक पर बुलाकर मारपीट का आरोप
नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के मुताबिक शाम को विधायक पक्ष की ओर से फोन कर उन्हें राजापुर चौक बुलाया गया। वे एसडीएम फागेश सिन्हा के साथ वहां पहुंचे। आरोप है कि वहां विधायक अपने कई समर्थकों के साथ पहले से मौजूद थे।
नायब तहसीलदार का कहना है कि बातचीत के दौरान उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि रीडर के अनुपस्थित रहने की वजह से दस्तावेज अगले दिन जारी करने की बात कही गई थी। इसी दौरान माहौल बिगड़ गया और विधायक समर्थकों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि इस दौरान उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए।
एसडीएम फागेश सिन्हा ने भी घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि स्थिति अचानक हिंसक हो गई थी और उन्होंने किसी तरह बीच–बचाव कर नायब तहसीलदार को वहां से सुरक्षित निकाला।
विधायक और समर्थकों पर दर्ज हुआ केस
घटना के बाद नायब तहसीलदार और एसडीएम ने कलेक्टर अजीत बसंत को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद अंबिकापुर कोतवाली में विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों के खिलाफ गैर जमानती धाराओं के तहत शून्य पर अपराध दर्ज कराया गया।
विधायक पक्ष की शिकायत पर भी एफआईआर
दूसरी ओर विधायक की चचेरी बहन सीमा धनकी की शिकायत पर सीतापुर थाने में नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के खिलाफ जातिसूचक टिप्पणी, धमकी और दुर्व्यवहार समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
प्रशासन बनाम जनप्रतिनिधि की बनती तस्वीर
पूरा विवाद अब प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव का रूप लेता दिखाई दे रहा है। एक ओर राजस्व अधिकारी कर्मचारी खुलकर नायब तहसीलदार के समर्थन में उतर आए हैं, वहीं विधायक समर्थक भी जवाबी प्रदर्शन की तैयारी में हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में और ज्यादा गर्मा सकता है।
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