GPM में चक्रवाती आंधी-तूफान की तबाही: कई घरों के उड़े छप्पर, राशन-कपड़े बर्बाद, ग्रामीणों ने मांगी राहत

बिपत सारथी- गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले में रविवार दोपहर आए चक्रवाती आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने कई गांवों में भारी तबाही मचा दी। चिलचिलाती धूप और उमस के बीच अचानक मौसम ने करवट ली, आसमान में काले बादल छा गए और तेज रफ्तार आंधी के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई। तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई ग्रामीणों के टीन शेड और छप्पर तिनकों की तरह उड़ गए। इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को हजारों रुपये का नुकसान हुआ है।

मेडुका और दर्री गांव में सबसे ज्यादा नुकसान
तूफान का सबसे अधिक असर मेडुका और दर्री गांव में देखने को मिला। मेडुका गांव निवासी अमरशाय और सुखीलाल के घरों को भारी क्षति पहुंची। वहीं दर्री गांव में संतोष मांझी, रामस्वरूप और बॉबी मांझी के घरों की छतें पूरी तरह उड़ गईं।
छतें उड़ने के कारण घरों में रखा राशन, कपड़े और अन्य कीमती घरेलू सामान मूसलाधार बारिश में भीगकर बर्बाद हो गया। अचानक आई इस आपदा से परिवारों के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है।
बरवासन और गुदमदेवरी में भी हुआ नुकसान
आंधी-तूफान का असर जिले के अन्य गांवों में भी देखा गया। बरवासन गांव में शिव सिंह के घर का छप्पर उड़ गया, जबकि गुदमदेवरी में आधार सिंह वाकरे का घर भी तूफान की चपेट में आ गया और उसका छप्पर क्षतिग्रस्त हो गया।
बिजली खंभे और पेड़ गिरे, कई गांवों में अंधेरा
तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे भी टूटकर गिर गए। इससे कई गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन भी प्रभावित हुआ और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर परिवार
घरों के छप्पर और छतें उड़ जाने के कारण कई प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। बारिश और खराब मौसम के बीच उनके सामने सुरक्षित आश्रय की समस्या खड़ी हो गई है।
प्रशासन से सर्वे, मुआवजा और राहत सामग्री की मांग
पीड़ित परिवारों ने घटना की जानकारी संबंधित पटवारी को दे दी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही तिरपाल, खाद्यान्न और अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है ताकि प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।

बारिश से गर्मी से राहत, लेकिन कई परिवारों पर टूटा संकट
एक ओर इस बारिश के बाद जिले में तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर जिन परिवारों के घरों को नुकसान पहुंचा है, उनके लिए यह मौसम बड़ी मुसीबत बनकर सामने आया है।
Live Cricket Info


