CG Traffic News:- छत्तीसगढ़ में नाबालिग वाहन चालकों के खिलाफ पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। अब केवल नाबालिग ही नहीं, बल्कि वाहन देने वाले अभिभावकों पर भी कानूनी कार्रवाई होगी। पहली बार समझाइश दी जाएगी, लेकिन दोबारा नाबालिग वाहन चलाते मिलने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई तय है।
धमतरी। सड़क दुर्घटनाओं में लगातार हो रही बढ़ोतरी और नाबालिगों की सुरक्षा को देखते हुए धमतरी पुलिस ने विशेष अभियान शुरू किया है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना पांडेय के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाते पाए जा रहे नाबालिगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। साथ ही उनके अभिभावकों को यातायात कार्यालय बुलाकर जागरूक किया जा रहा है और उनका नाम-पता दर्ज किया जा रहा है।

एसपी भावना पांडेय ने बताया कि पहली बार पकड़े जाने पर अभिभावकों को चेतावनी और समझाइश दी जा रही है, लेकिन यदि वही नाबालिग दोबारा वाहन चलाते हुए मिला तो मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199A के अनुसार नाबालिग को मोटर वाहन चलाने देना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में ₹25 हजार तक का जुर्माना, तीन वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है। इतना ही नहीं, संबंधित नाबालिग के 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद भी निर्धारित अवधि तक ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने पर रोक लगाई जा सकती है।
एसपी भावना पांडेय ने बताया कि कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी समानांतर रूप से चलाया जा रहा है। ट्रैफिक डीएसपी सुश्री मोनिका मरावी और ट्रैफिक प्रभारी उपनिरीक्षक खेमराज साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम जिले के विभिन्न स्कूलों में पहुंच रही है। प्राचार्यों की उपस्थिति में विद्यार्थियों को ड्राइविंग लाइसेंस बनने से पहले वाहन नहीं चलाने, यातायात नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनने का संदेश दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2026 से 28 जुलाई 2026 तक चलाए गए सतत जनजागरूकता अभियान के दौरान जिले के करीब 36 स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे 10,301 छात्र-छात्राएं लाभान्वित हुए। इस दौरान विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति, यातायात नियमों के पालन और सामाजिक जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी जानकारी दी गई।

एसपी भावना पांडेय ने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को तब तक किसी भी प्रकार का मोटर वाहन चलाने की अनुमति न दें, जब तक वे विधिवत ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त नहीं कर लेते। उन्होंने कहा कि धमतरी पुलिस का यह अभियान केवल चालान या कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना, नाबालिगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और जिले में जिम्मेदार यातायात संस्कृति विकसित करना है।

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