CG News:- रतनपुर में NH-45 की जर्जर सड़क पर छात्रों का फूटा गुस्सा, प्रशासन को 5 दिन का अल्टीमेटम; मांग पूरी नहीं हुई तो चक्काजाम और अनिश्चितकालीन आंदोलन

CG News:- गांधीनगर से महामाया कॉलेज तक सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे और एक फीट तक जलभराव, 2000 से ज्यादा छात्र-छात्राओं और आम लोगों की परेशानी; छात्रों ने थाना, तहसील और SDM को सौंपा ज्ञापन
रतनपुर। सड़क पर गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क, यह सवाल रतनपुर के गांधीनगर से शासकीय महामाया महाविद्यालय तक पहुंचने वाले लोगों के लिए अब रोज की परेशानी बन गया है। जर्जर सड़क, बारिश में जलभराव और जगह-जगह फैली गंदगी से परेशान जागरूक नागरिकों और कॉलेज छात्रों ने सोमवार को प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
10 अगस्त 2026 को छात्रों और नागरिकों ने पेंड्रा-गौरेला-मरवाही NH-45 मार्ग के गांधीनगर से शासकीय महामाया महाविद्यालय रतनपुर तक की खराब सड़क को लेकर ज्ञापन सौंपा। रतनपुर थाना, तहसील कार्यालय रतनपुर और अनुविभागीय दंडाधिकारी, कोटा को संयुक्त रूप से ज्ञापन देकर तत्काल सड़क की मरम्मत की मांग की गई।
गड्ढों से गुजरना मजबूरी, हादसों का खतरा
छात्रों का कहना है कि सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। बारिश में इन गड्ढों में पानी भर जाता है और वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देती। ऐसे में आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
इस रास्ते से 2000 से ज्यादा छात्र-छात्राओं, स्कूली बच्चों और आम नागरिकों का रोजाना आवागमन होता है। इसके बावजूद सड़क की हालत लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
बारिश में सड़क बन जाती है जलभराव का रास्ता
बारिश होते ही स्थिति और खराब हो जाती है। छात्रों और नागरिकों के मुताबिक सड़क पर करीब एक फीट तक पानी भर जाता है।
स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि एंबुलेंस तक फंसने की नौबत आ जाती है। ऐसे में किसी मरीज को अस्पताल पहुंचाने की स्थिति में यह सड़क कितनी बड़ी परेशानी बन सकती है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
गंदगी और पानी से बीमारी का खतरा
सड़क की बदहाली के साथ जलभराव और गंदगी ने स्वास्थ्य संबंधी चिंता भी बढ़ा दी है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका जताई गई है।
छात्रों का कहना है कि सड़क सिर्फ आने-जाने का रास्ता नहीं है, बल्कि रोज कॉलेज और स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा से भी जुड़ा मामला है।
5 दिन का अल्टीमेटम, छठे दिन चक्काजाम
ज्ञापन के जरिए प्रशासन को 5 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। छात्रों और नागरिकों ने मांग की है कि इस अवधि के भीतर PWD विभाग द्वारा सड़क की मरम्मत अथवा निर्माण कार्य शुरू किया जाए।
अगर 5 दिन में काम शुरू नहीं हुआ तो छठे दिन उग्र चक्काजाम और अनिश्चितकालीन आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है।
इन छात्रों ने सौंपा ज्ञापन
ज्ञापन देने वालों में मानस ताम्रकार, आदित्य साहू, वंश ताम्रकार, पुरुषोत्तम कश्यप और दीक्षांश श्रीवास सहित अन्य छात्र शामिल रहे।
अब नजर प्रशासन और PWD विभाग की कार्रवाई पर है। छात्रों ने साफ कर दिया है कि इस बार सिर्फ आश्वासन से काम नहीं चलेगा।
5 दिन का अल्टीमेटम खत्म होने के बाद सड़क पर चक्काजाम होगा या उससे पहले सड़क की तस्वीर बदलेगी—अब यह प्रशासन के हाथ में है।

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