Bilaspur Crime News:-आधी रात कांग्रेस नेता नागेंद्र राय के घर पुलिस की दबिश, ढाई घंटे चला सर्च ऑपरेशन

Bilaspur Crime News:-बिलासपुर। बिलासपुर पुलिस ने आधी रात इनामी आरोपी नागेंद्र राय के घर पर दबिश दी। डॉग स्क्वायड और सशस्त्र जवानों के साथ करीब ढाई घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बावजूद आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला। कार्रवाई के दौरान परिजनों ने विरोध किया, जिस पर पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा का मामला दर्ज किया। 29 अक्टूबर को मस्तूरी बस स्टैंड पर हुई फायरिंग रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ी बताई जा रही है। मामले में कई आरोपी जेल में हैं, जबकि नागेंद्र राय और तारकेश्वर पाटले अब भी फरार हैं। एसएसपी रजनेश सिंह ने दोनों पर इनाम घोषित किया है।
Bilaspur बिलासपुर। मस्तूरी गोलीकांड के फरार आरोपियों की तलाश में बिलासपुर पुलिस ने आधी रात बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान कांग्रेस नेता और इनामी आरोपी नागेंद्र राय के घर पर दबिश दी गई। डॉग स्क्वायड और हथियारबंद जवानों की मौजूदगी में करीब ढाई घंटे तक चली तलाशी के बावजूद आरोपी का कोई सुराग नहीं मिल सका।
आधी रात तोरवा क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, पुलिस अफसरों और जवानों की टीम रात करीब एक बजे तोरवा क्षेत्र के लालखदान–महमंद पहुंची। यहां नागेंद्र राय के घर के हर कमरे की सघन तलाशी ली गई। इस दौरान डॉग स्क्वायड की मदद से परिसर की बारीकी से जांच की गई, लेकिन आरोपी की मौजूदगी का कोई प्रमाण नहीं मिला।

परिजनों ने किया विरोध, दर्ज हुआ केस
तलाशी अभियान के दौरान नागेंद्र राय के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। बेटे, भतीजे और अन्य सदस्यों ने बहसबाजी करते हुए पुलिस को रोकने की कोशिश की। आधी रात की गई छापेमारी को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई, जिससे पुलिस को कार्रवाई में परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति को देखते हुए तोरवा पुलिस ने परिजनों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज किया है।
फरार आरोपियों पर घोषित है इनाम

इस मामले में एसएसपी रजनेश सिंह ने फरार आरोपी नागेंद्र राय और तारकेश्वर पाटले पर 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस को इनपुट मिला था कि नागेंद्र राय अपने घर में छिपा हो सकता है, जिसके आधार पर पूरी तैयारी के साथ यह कार्रवाई की गई। हालांकि, आरोपी के नहीं मिलने से उसके राज्य से बाहर फरार होने की आशंका जताई जा रही है।
जानिए क्या है पूरा मामला
दरअसल, 29 अक्टूबर को मस्तूरी बस स्टैंड स्थित कार्यालय में जनपद उपाध्यक्ष नीतेश सिंह अपने साथियों के साथ बैठे थे। इसी दौरान नकाबपोश बाइक सवार वहां पहुंचे और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में नीतेश सिंह ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग की, जिसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई का परिणाम
पुलिस जांच में सामने आया कि यह घटना आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ी है। जांच में युवा कांग्रेस नेता विश्वजीत अनंत के गैंग की भूमिका सामने आई। पुलिस के अनुसार, पूरी साजिश नागेंद्र राय और तारकेश्वर पाटले की अगुवाई में रची गई थी।
कई आरोपी गिरफ्तार, मुख्य साजिशकर्ता अब भी फरार
मामले में कांग्रेस नेता अकबर खान की भूमिका के भी साक्ष्य मिले हैं। पुलिस ने विश्वजीत अनंत, अकबर खान और उसके भाई समेत 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एक नाबालिग को बाल संरक्षण गृह भेजा गया है, जबकि एक आरोपी की जमानत हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है।
इसके बावजूद, मुख्य साजिशकर्ता नागेंद्र राय और तारकेश्वर पाटले अब भी फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

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