Bilaspur News :- ओम स्पेस कॉलोनी में छिपा ‘डिजिटल सट्टा हब’ उजागर: लूडो-IPL के नाम पर चल रहा था 2 करोड़ का साइबर जाल, सरगना समेत 7 गिरफ्तार

Bilaspur News:- ओम स्पेस कॉलोनी में एक मकान था, जो बाहर से मकान था और अंदर से एक सिस्टम था। लूडो और आईपीएल के नाम पर दांव चल रहे थे, मोबाइल चमक रहे थे, और पैसे का हिसाब लैपटॉप में सांस ले रहा था। पुलिस ने रेड की तो राहुल छाबड़ा समेत 7 लोग पकड़े गए। करीब 2 करोड़ रुपये के डिजिटल लेनदेन के निशान मिले हैं। मध्यप्रदेश से बुलाए गए युवकों को 30-30 हजार रुपये पर इस काम में लगाया गया था। एसएसपी रजनेश सिंह कहते हैं कि डिजिटल सबूतों की जांच चल रही है, और यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं होता दिख रहा।
Bilaspur बिलासपुर | बिलासपुर के सकरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ओम स्पेस कॉलोनी में पुलिस ने एक संगठित और तकनीकी रूप से संचालित ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। एसीसीयू और सकरी पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार देर रात की गई दबिश में गिरोह के सरगना राहुल छाबड़ा सहित 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में करीब 2 करोड़ रुपये से अधिक के ऑनलाइन सट्टा लेनदेन और डिजिटल रिकॉर्ड सामने आए हैं।
किराए का मकान बना था ‘डिजिटल सट्टा हब’
पुलिस जांच में यह सामने आया है कि कॉलोनी में किराए पर लिया गया मकान इस पूरे सट्टा सिंडिकेट का ऑपरेशन सेंटर था। यहां से ऑनलाइन लूडो गेम और आईपीएल मैचों पर दांव लगवाने का पूरा नेटवर्क चलाया जा रहा था।
कमरे से बरामद 21 मोबाइल फोन और 3 लैपटॉप लगातार सक्रिय अवस्था में मिले, जिनके जरिए पूरे सिस्टम को ऑपरेट किया जा रहा था।
मध्यप्रदेश से लाकर तैयार किया गया ऑपरेटर नेटवर्क
गिरोह का सरगना राहुल छाबड़ा पूर्व में भी सट्टा मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। उसने मध्यप्रदेश के सागर, बालाघाट और कटनी से युवकों को बुलाकर उन्हें 30-30 हजार रुपये मासिक वेतन, साथ ही रहने और खाने की सुविधा देकर इस अवैध नेटवर्क में शामिल किया था।
गिरफ्तार आरोपियों में ओमप्रकाश नागवानी, आशीष सोमानी, कैलाश चावला, विजय नागवानी, दिनेश लालवानी और एक नाबालिग शामिल है।
बैंकिंग और डिजिटल सिस्टम से चल रहा था पूरा कारोबार
छापेमारी के दौरान पुलिस ने कई अहम साक्ष्य और उपकरण जब्त किए हैं—
* 1 क्रेटा कार
* 13 एटीएम कार्ड
* 8 बैंक पासबुक
* 21 मोबाइल फोन
* 3 लैपटॉप
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन उपकरणों में करीब 2 करोड़ रुपये से अधिक के सट्टा ट्रांजैक्शन और वित्तीय लेनदेन का रिकॉर्ड मौजूद है।
दिल्ली कनेक्शन से बढ़ी जांच की परतें
जांच में दिल्ली के बाबू सिंधी और टोनी जैसे नामों से लिंक के संकेत मिले हैं। इससे यह आशंका गहराई है कि यह गिरोह सिर्फ स्थानीय स्तर का नहीं बल्कि एक अंतरराज्यीय सट्टा नेटवर्क का हिस्सा है।
बीट पुलिस की नजर से खुला पूरा नेटवर्क
इस पूरे मामले का खुलासा किसी मुखबिर सूचना से नहीं, बल्कि बीट पुलिस की नियमित निगरानी और तकनीकी सर्विलांस से हुआ।
कॉलोनी में लंबे समय से रह रहे बाहरी युवकों की संदिग्ध गतिविधियां, दिन में शांत माहौल और रात में लगातार मोबाइल व लैपटॉप की रोशनी ने पुलिस का ध्यान खींचा।
इसके बाद तकनीकी टीम ने लोकेशन और डिवाइस एक्टिविटी ट्रैक की, जिसमें एक ही स्थान से कई डिवाइस सक्रिय पाए गए।
एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि बरामद डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़कर मास्टरमाइंड और बड़े संचालकों तक पहुंचने की कार्रवाई जारी है।”
जांच तेज, बड़े नामों की तलाश जारी
पुलिस अब सभी मोबाइल, लैपटॉप और बैंकिंग डाटा का विस्तृत विश्लेषण कर रही है। आशंका है कि यह नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है और इसमें बड़े सट्टा ऑपरेटरों की भूमिका भी सामने आ सकती है।

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