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छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा पर बड़ा सख्त फैसला: अब पीछे बैठने वाले के लिए भी हेलमेट अनिवार्य, डीलरों पर भी कार्रवाई तय

रायपुर, 29 अप्रैल। Raipur
राज्य में सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुए दोपहिया वाहनों पर हेलमेट नियमों को और सख्त कर दिया है। अब केवल वाहन चालक ही नहीं, बल्कि पीछे बैठने वाले सहयात्री के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है।

अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों, अतिरिक्त आरटीओ और जिला परिवहन अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए साफ कहा है कि नियमों का पालन किसी भी स्थिति में शिथिल नहीं होना चाहिए।

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चार वर्ष से अधिक उम्र के सभी सवारों पर नियम लागू

निर्देशों के मुताबिक, सार्वजनिक स्थान पर दोपहिया वाहन पर सवार होने वाला हर व्यक्ति जिसकी उम्र चार वर्ष से अधिक है, उसके लिए हेलमेट पहनना जरूरी होगा। यह प्रावधान Motor Vehicles Act, 1988 की धारा 129 के तहत लागू किया गया है, जिसमें स्पष्ट रूप से हेलमेट को अनिवार्य सुरक्षा उपकरण बताया गया है।

अपर परिवहन आयुक्त ने कहा कि यह नियम केवल चालक पर लागू नहीं होता, बल्कि पीछे बैठने वाले यात्री पर भी समान रूप से लागू है। हेलमेट सही तरीके से बांधकर पहनना अनिवार्य होगा, ताकि सड़क दुर्घटना की स्थिति में गंभीर चोटों से बचाव किया जा सके।

डीलरों की जिम्मेदारी भी तय

परिवहन विभाग ने Central Motor Vehicle Rules, 1989 के नियम 138(4)(f) को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत अब दोपहिया वाहन की बिक्री के समय डीलर या शोरूम संचालक को BIS मानक हेलमेट देना अनिवार्य होगा।

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साफ कहा गया है कि बिना मानक हेलमेट के किसी भी वाहन की डिलीवरी नियमों का उल्लंघन मानी जाएगी और संबंधित डीलर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कुछ छूट का प्रावधान भी

नियमों में सीमित छूट भी तय की गई है। पगड़ी पहनने वाले सिखों को हेलमेट से छूट दी गई है। वहीं चार वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए अलग सुरक्षा प्रावधान तय करने का अधिकार संबंधित प्राधिकरणों को दिया गया है।

हादसों में सिर की चोटें सबसे बड़ी वजह

विभाग के अनुसार, दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण सिर में लगने वाली गंभीर चोटें हैं, जिनमें हेलमेट का उपयोग करना प्रमुख वजह बनकर सामने आता है।

जागरूकता और सख्ती दोनों पर जोर

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सिर्फ चालान या कार्रवाई ही नहीं, बल्कि व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। खासकर पीछे बैठने वाले यात्रियों को हेलमेट की अनिवार्यता और उसकी उपयोगिता के बारे में जागरूक किया जाएगा।

विभाग का मानना है कि अगर इस नियम का सख्ती से पालन हुआ तो राज्य में सड़क हादसों और मौतों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।

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Kanha Tiwari

छत्तीसगढ़ के जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्होंने पिछले 10 वर्षों से लोक जन-आवाज को सशक्त बनाते हुए पत्रकारिता की अगुआई की है।

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