Bilaspur Crime News:-300 CCTV फुटेज से खुला पॉश अपार्टमेंट चोरी कांड: मेरठ से मास्टरमाइंड गिरफ्तार, दूसरा आरोपी दिल्ली जेल में बंद फिंगरप्रिंट और तकनीकी जांच से सुलझी,सनसनीखेज वारदात,SSP रजनेश सिंह ने किया खुलासा

Bilaspur Crime News:-बिलासपुर के पॉश अपार्टमेंट में हुई दिनदहाड़े चोरी की जांच ने एक संगठित और शातिर नेटवर्क की परतें खोल दी हैं। 300 से अधिक CCTV फुटेज, फिंगरप्रिंट और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस मेरठ तक पहुंची और ताज मोहम्मद को गिरफ्तार किया। आरोपी चोरी के बाद जेवरात को खुद गलाकर उनकी पहचान मिटा देता था। उसके खिलाफ 47 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि उसका साथी वसीम पहले से दिल्ली जेल में बंद है। मामले का खुलासा SSP रजनेश सिंह ने पुलिस लाइन स्थित बिलासागुड़ी में किया। यह मामला सिर्फ चोरी का नहीं, बल्कि उस संगठित सोच का है जो अपराध को भी एक ‘प्रोसेस’ की तरह चलाती है।
Bilaspur बिलासपुर। शहर के पॉश रिहायशी अपार्टमेंट में दिनदहाड़े हुई चोरी की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। मेरठ से शातिर चोर ताज मोहम्मद को गिरफ्तार कर बिलासपुर लाया गया है, जबकि उसका साथी वसीम पहले से ही दिल्ली की जेल में बंद है। मामले का खुलासा SSP रजनेश सिंह ने पुलिस लाइन स्थित बिलासागुड़ी में किया।

28 सितंबर की वारदात से हड़कंप
बीते वर्ष 28 सितंबर को साकेत अपार्टमेंट और रियल हेवन अपार्टमेंट में हुई चोरी की घटनाओं ने पूरे शहर को हिला दिया था। दिनदहाड़े हुई इन वारदातों ने पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी।
300 CCTV फुटेज ने खोला सुराग
जांच में ACCU और सिविल लाइन पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई। टीम ने 300 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले, जिनमें एक जगह संदिग्ध का चेहरा साफ दिखाई दिया। इसके बाद घटनास्थल से मिले फिंगरप्रिंट का मिलान किया गया और आरोपी की पहचान मेरठ निवासी ताज मोहम्मद और उसके साथी वसीम के रूप में हुई।
चोरी के बाद खुद गलाता था सोना
पुलिस जांच में सामने आया कि ताज मोहम्मद बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देता था। वह चोरी के बाद जेवरातों को गलाकर उनकी पहचान मिटा देता था। उसके पास से करीब 35.34 ग्राम पिघला हुआ सोना और सोना गलाने वाली चिमनी बरामद की गई है, जिसकी कीमत लगभग 5 लाख रुपये बताई जा रही है।
47 मामलों में नाम, कई राज्यों में सक्रिय गिरोह
आरोपी ताज मोहम्मद के खिलाफ दिल्ली, जयपुर और लुधियाना समेत कई शहरों में कुल 47 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसका साथी वसीम पहले से ही दिल्ली जेल में बंद है।
20 दिन की मेहनत के बाद गिरफ्तारी

आरोपी लगातार मोबाइल बंद कर ठिकाने बदल रहा था। उसकी तलाश में पुलिस की टीम करीब 20 दिन तक दिल्ली और मेरठ में डटी रही। फोन–पे और बैंकिंग ट्रांजैक्शन की तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने उसे मेरठ से पकड़ लिया।
दूसरे आरोपी की होगी पेशी
SSP रजनेश सिंह ने बताया कि दूसरे आरोपी वसीम को प्रोडक्शन वारंट पर बिलासपुर लाने की कार्रवाई की जा रही है, जिससे पूरे गिरोह और अन्य वारदातों का खुलासा हो सके।

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